घाटशिला/जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में 108 एंबुलेंस सेवा एक बार फिर सवालों के घेरे में है. करीब एक सप्ताह पहले पटमदा में समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने के आरोप में मरीज की मौत के मामले में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं दिख रहा है. अब गालूडीह थाना क्षेत्र के बाघुड़िया पंचायत के चाड़री गांव में 15 वर्षीय छात्रा देवला टुडू की मौत के बाद एक बार फिर एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. परिजनों के अनुसार देवला टुडू पिछले दो दिनों से तेज बुखार से पीड़ित थी. शनिवार को अचानक उसकी तबीयत अधिक बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई. इसके बाद परिवार के लोगों ने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन काफी देर तक कॉल रिसीव नहीं हुआ। बाद में संपर्क होने पर उन्हें बताया गया कि फिलहाल कोई एंबुलेंस उपलब्ध नहीं है. एम्बुलेंस नहीं मिलने पर परिजन उसे ऑटो से गालूडीह स्थित निरामय हेल्थ केयर लेकर पहुंचे. उनका आरोप है कि अस्पताल पहुंचने में काफी देर हो गई. इलाज शुरू होने के बावजूद उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई. (नीचे भी पढ़ें)

परिजनों के मुताबिक उसके मुंह से झाग निकलने लगा और अस्पताल पहुंचने के लगभग आधे से एक घंटे के भीतर उसकी मौत हो गई. हालांकि छात्रा की मौत के वास्तविक कारण की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. परिजनों ने ब्रेन मलेरिया की आशंका जताई है, क्योंकि जिस क्षेत्र में वह रहती थी वहां इन दिनों मलेरिया के कई मामले सामने आए हैं. वहीं चिकित्सकों का कहना है कि अस्पताल में छात्रा के परिवार की दो महिलाओं की जांच के दौरान मलेरिया की रिपोर्ट नेगेटिव आई है, इसलिए फिलहाल ब्रेन मलेरिया से मौत की पुष्टि नहीं की जा सकती. मृतका के चचेरे भाई देबिलाल टुडू ने आरोप लगाया कि समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने के कारण अस्पताल पहुंचने में देरी हुई. उनका कहना है कि यदि समय पर इलाज मिल जाता तो शायद देवला की जान बचाई जा सकती थी. (नीचे भी पढ़ें)
देवला टुडू पढ़ाई में मेधावी छात्रा थी. उसने इसी वर्ष दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी और वर्तमान में सालबनी स्थित जामिनी कांत हाई स्कूल में 11वीं कक्षा की छात्रा थी. वह पिता मदरा टुडू और माता सरस्वती टुडू की पांच संतानों में मझली थी. उसकी असामयिक मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है. इस मामले में पूर्वी सिंहभूम के सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने कहा कि यदि छात्रा के परिजन लिखित शिकायत करते हैं तो संबंधित एंबुलेंस सेवा प्रदाता के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि वह गालूडीह के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से भी पूरे मामले की विस्तृत जानकारी लेंगे.




