जमशेदपुर : शहर के चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड में घायल प्रत्यूष आनंद का बड़ा बयान सामने आया है. करीब एक महीने तक कोलकाता के अस्पताल में इलाज कराने के बाद जमशेदपुर लौटे प्रत्यूष ने डीडी बार संचालक एवं भाजपा नेता नीरज सिंह और उनके बेटे पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि हिमांशु सिंह की हत्या और उन पर हुए जानलेवा हमले के पीछे नीरज सिंह और उनके बेटे की भूमिका है तथा दोनों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है. प्रत्यूष आनंद ने बताया कि 27 जून की रात वह अपने दोस्त हिमांशु सिंह के साथ बिष्टुपुर स्थित डीडी बार गए थे. उनके अनुसार उस रात उनका किसी से कोई विवाद नहीं हुआ था. उन्होंने कहा कि बार में दो अन्य गुटों के बीच हो रहे झगड़े को शांत कराने की कोशिश की थी. इसी दौरान बार के मैनेजर ने किसी को फोन कर कहा कि “हिमांशु और प्रत्यूष ने फिर हंगामा कर दिया है”, जिसके बाद बाउंसरों की मदद से दोनों को नीचे भेज दिया गया. (नीचे भी पढ़ें)
प्रत्यूष का आरोप है कि नीचे पहले से पुलिस की पीसीआर मौजूद थी. जैसे ही दोनों को पीसीआर वाहन में बैठाया गया, राहुल दुबे समेत 7 से 8 हमलावर धारदार हथियार लेकर पहुंचे और उन पर हमला कर दिया. उन्होंने दावा किया कि उन्हें पीसीआर वाहन से बाहर निकालकर चापड़ से बेरहमी से काटा गया, जबकि हिमांशु सिंह पर भी लगातार वार किए गए. दोनों गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े. बाद में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान हिमांशु सिंह की मौत हो गई. प्रत्यूष ने यह भी आरोप लगाया कि घटना से करीब दो महीने पहले बार में हुए एक विवाद के बाद नीरज सिंह और उनके बेटे ने उन्हें कमरे में बुलाकर धमकी दी थी. उनके मुताबिक उनसे कहा गया था, “सुधर जाओ, नहीं तो कटवा देंगे.” उनका कहना है कि उसी धमकी के बाद पूरी घटना को अंजाम दिया गया. (नीचे भी पढ़ें)
इस बीच हिमांशु सिंह के पिता अरविंद सिंह ने भी जमशेदपुर कोर्ट में बीएनएस की धारा 183 के तहत अपना बयान दर्ज कराया है. उन्होंने कहा कि टीएमएच में होश आने पर हिमांशु ने बताया था कि नीरज सिंह और उनके बेटे पहले भी कई बार धमकी दे चुके थे. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना वाली रात बार के मैनेजर ने नीरज सिंह को फोन किया था, जिसके बाद हमला हुआ. वहीं, इस मामले में जेल में बंद डीडी बार संचालक नीरज सिंह की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने सभी आरोपों को निराधार बताया है. बचाव पक्ष का कहना है कि नीरज सिंह पिछले छह महीने से डीडी बार नहीं गए थे और उन्हें साजिश के तहत इस मामले में फंसाया जा रहा है. साथ ही उनकी जमानत याचिका भी कोर्ट में दाखिल की गई है, जिस पर सुनवाई होनी है. (नीचे भी पढ़ें)
प्रत्यूष आनंद के इस नए बयान के बाद डीडी बार हत्याकांड ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है. हालांकि, पुलिस अब तक इस मामले में 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. इसके बावजूद 27 जून की रात डीडी बार में विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और पूरे घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका थी, इसका अंतिम निष्कर्ष अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा.







