जमशेदपुर: टुइलाडूंगरी स्थित कलगीधर गुरुद्वारा साहिब में सिख नौजवान सभा के तत्वावधान में सिख पंथ के आठवें गुरु, श्री गुरु हरकिशन साहिब जी का प्रकाश दिहाड़ा अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ मनाया गया. इस पावन अवसर पर जमशेदपुर एवं आसपास की संगत ने बड़ी संख्या में गुरु दरबार में हाजिरी भरी.धार्मिक समागम की शुरुआत में कथा वाचक भाई मनजीत सिंह ने गुरु हरकिशन साहिब जी के जीवन इतिहास, त्याग और मानवता की सेवा पर विस्तृत कथा सुनाकर संगत को निहाल किया. इसके पश्चात भाई रामप्रीत सिंह के कीर्तन जत्थे ने रसमयी गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत किया. समारोह का मुख्य आकर्षण गुरुद्वारा साहिब में बीते 50 वर्षों से निरंतर निष्काम सेवा निभा रहे परिवार का सम्मान रहा. भाई प्रभजोत सिंह मन्नी ने अपनी भावपूर्ण आवाज में “श्री हरकिशन धियाइये जिस डिट्ठे सब दुख जाये” शब्द गायन कर संपूर्ण दरबार साहिब का माहौल भक्तिमय कर दिया.(नीचे भी पढ़े)
उल्लेखनीय है कि उनका परिवार तीसरी पीढ़ी से यह निष्काम सेवा निभा रहा है. इससे पूर्व उनके दादा स्व. सुरजन सिंह सहराली, तत्पश्चात लखबीर सिंह और अब भाई प्रभजोत सिंह मन्नी के साथ जसबीर सिंह इस सेवा की निरंतरता बनाए हुए हैं. इस अतुलनीय योगदान के लिए गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी एवं साकची गुरुद्वारा के प्रधान सरदार निशान सिंह द्वारा उन्हें सरोपा प्रदान कर सम्मानित किया गया. समागम में सामाजिक एवं धार्मिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले बुद्धजीवियों को सम्मानित किया गया. पत्रकारिता के क्षेत्र में सराहनीय भूमिका के लिए सरदार प्रताप सिंह को सम्मानित किया गया. इसके अलावा गुरदीप सिंह सलूजा, रंगरेटा महासभा के प्रधान मंजीत सिंह गिल, जदयू जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव, पूर्व विधायक सह जेएमएम नेता कुणाल षाड़ंगी तथा तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब के सचिव इंदरजीत सिंह को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया.(नीचे भी पढ़े)
कार्यक्रम में सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, साकची गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, नामदा बस्ती गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और बिरसानगर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रतिनिधि एवं पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित थे.कार्यक्रम की सफलता पर गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान रंजीत सिंह तथा सचिव सतवंत सिंह रौशन ने कहा कि इस भव्य समागम का सफ़ल आयोजन श्री गुरु महाराज की असीम कृपा और साध-संगत के पूर्ण सहयोग से संभव हो सका है.इस अवसर पर जसबीर सिंह गिल, सतवंत सिंह रौशन, चरणजीत सिंह नवापिंड, जोरावर सिंह, सोनी सिंह, हरजीत सिंह बोजा, गुरदयाल सिंह, अवतार सिंह खालसा, नवजोत सिंह, हरमन गिल, सन्नी सिंह बल, दलजीत सिंह राजा, सागर सिंह, शशि सिंह, वीरू सिंह, बलराज सिंह बॉबी, मनिंदर सिंह, बलजीत सिंह सहित सिख नौजवान सभा व स्थानीय गुरुद्वारा कमेटी के कई सदस्य और भारी संख्या में साध-संगत उपस्थित थी.




