सरायकेला: सरायकेला- खरसावां जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सरायकेला-खरसावां पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है. गिरफ्तार भाकपा माओवादी संगठन के सदस्यों से पूछताछ के बाद मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने कुचाई और चांडिल थाना क्षेत्र के जंगलों में छापेमारी कर भारी मात्रा में हथियार, कारतूस और विस्फोटक सामग्री बरामद की है. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार माओवादी सदस्यों में रघु सिंह सरदार उर्फ सागर सिंह सरदार उर्फ बिरेन सिंह उर्फ सागर शामिल है. वह भाकपा माओवादी संगठन की रीजनल कमेटी और पश्चिम बंगाल-झारखंड-ओडिशा सीमा कमेटी का सदस्य बताया गया है. इसके अलावा संगठन की सब-जोनल कमांडर मीना पहाड़िया उर्फ नेपू पहाड़िया को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था. करीब 26 वर्षीय मीना पहाड़िया के खिलाफ पश्चिम बंगाल के बलरामपुर थाना क्षेत्र में मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है.(नीचे भी पढ़े)

पुलिस ने बताया कि न्यायालय से पुलिस रिमांड मिलने के बाद दोनों से पूछताछ की गई. पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर कुचाई थाना क्षेत्र के सिकरम्बा जंगल और चांडिल थाना क्षेत्र के आसनबनी गांव के ऊपर स्थित दलमा जंगल में अभियान चलाया गया. इसी दौरान जंगल में अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखे गए हथियार और अन्य सामान बरामद किए गए.पुलिस के मुताबिक, तलाशी अभियान में .303 की दो राइफल, तीन मैगजीन और आठ कारतूस, एक देसी पिस्टल, एक 5.56 एमएम इंसास राइफल, एक 7.62 एमएम एसएलआर राइफल, एसएलआर की तीन मैगजीन और इंसास राइफल की चार मैगजीन बरामद हुई.(नीचे भी पढ़े)
इसके अलावा 7.62 एमएम के 171 जिंदा कारतूस, 5.56 एमएम के 126 जिंदा कारतूस और 9 एमएम के 12 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए. पुलिस ने 9 एमएम की देसी पिस्टल की दो मैगजीन भी जब्त की हैं.तलाशी के दौरान पुलिस टीम को एक आईईडी और डिटोनेटर भी मिला. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) की टीम को मौके पर बुलाया गया, जिसने आईईडी को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया.यह पूरी कार्रवाई सरायकेला-खरसावां पुलिस और 26वीं वाहिनी एसएसबी रांची की संयुक्त टीम ने की. अभियान में कुचाई, चांडिल, नीमडीह और सरायकेला थाना की पुलिस टीमों के साथ एसएसबी के जवान शामिल रहे.पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले के नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. गिरफ्तार माओवादी सदस्यों से पूछताछ के आधार पर संगठन से जुड़े अन्य लोगों और जंगलों में छिपाकर रखे गए हथियारों के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है. पुलिस ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में अभियान को और तेज किया जाएगा.




