गम्हरिया : भारतीय मजदूर संघ की ओर से श्रमिकों और कर्मचारियों की 11 सूत्री लंबित मांगों को लेकर सरायकेला खरसावां के उपायुक्त नीतिश सिंह के माध्यम से प्रधानमंत्री, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री तथा केंद्रीय वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन सौंप कार्रवाई की मांग की गई. मांग दिवस के अवसर पर संघ ने सरकार से मांगों का समयबद्ध तरीके से तत्काल समाधान करने की अपील की. साथ ही चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आगे की रणनीति बनाने को मजबूर होगा. डीसी को सौंपे 11 सूत्री ज्ञापन में ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाकर 7500 रुपये प्रतिमाह करने और इसे आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने, ईपीएफ, ईएसआईसी व बोनस की कवरेज सीमा दोगुनी करने तथा पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग की गई. (नीचे भी पढ़े)
ग्रेच्युटी की गणना 15 दिन के बजाय 30 दिन के वेतन के आधार पर बिना अधिकतम सीमा के करने, ठेका श्रमिकों समेत सभी कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन देने और महंगाई के अनुरूप न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की मांग भी शामिल है. संघ ने आंगनबाड़ी, मिड-डे मील, एनएचएम समेत सभी स्कीम कर्मियों के मानदेय में वृद्धि, बैंकों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने और श्रम संहिताओं में मजदूर विरोधी प्रावधानों में संशोधन की मांग की है. हेवी इंजीनियरिंग कंपनी रांची, टायो रोल्स लिमिटेड, एमटी ऑटो प्राइवेट लिमिटेड तथा आठ राज्यों की नेशनल टेक्सटाइल मिलों के लंबित मामलों का समाधान और एलआईसी के डेवलपमेंट ऑफिसरों की नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग रखी गई. प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश प्रभारी अभिमन्यु सिंह, अध्यक्ष अजय शर्मा, सुरेंद्र साहब, लक्ष्मण प्रसाद राय, जितेंद्र सिंह, दिलीप प्रसाद त्यागी, केश्वर मिश्रा, शीतला महतो सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे.




