जमशेदपुर : नगर निकायों में सरगर्मी बढ़ गयी है. जमशेदपुर के मानगो नगर निगम की मेयर सुधा गुप्ता की पहल पर सोमवार को चार नगर निकाय के अध्यक्ष और मेयर एक साथ बैठे. इसमें मानगो नगर निगम की मेयर सुधा गुप्ता, जुगसलाई नगर परिषद की अध्यक्ष नौसीन खान, आदित्यपुर नगर निगम के मेयर संजय सरदार और कपाली नगर परिषद के अध्यक्ष परवेज आलम उर्फ चांद कपाली मौजूद थे. जमशेदपुर के कदमा स्थित सुधा गुप्ता के आवास पर हुई बैठक में तय किया गया कि वे लोग मिलकर सारे जनहित के मुद्दे पर लड़ाई लड़ेंगे. इन लोगों ने एकजुटता को प्रदर्शित किया और तय किया कि वे लोग जनहित के मुद्दे पर साथ मिलकर काम करेंगे. एक दूसरे का सहयोग करेंगे. दूसरी ओर, इन लोगों ने सफाई एजेंसी के खिलाफ अपना मोर्चा खोल दिया है. इस संबंध में राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) के निदेशक को संयुक्त पत्र लिखा है. (नीचे भी पढ़ें)
चारों निकाय के मेयर-अध्यक्ष ने साफ-सफाई एवं ठोस कचरा प्रबंधन का कार्य कर रही क्यूब आदित्यपुर वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड की कार्यशैली की समीक्षा और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा कि सरकार की एजेंसी सूडा द्वारा क्यूब आदित्यपुर वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का चयन संविदा के आधार पर किया गया. जिसे आदित्यपुर नगर निगम, कपाली नगर परिषद, जुगसलाई नगर परिषद और मानगो नगर निगम में साफ-सफाई का कार्य दिया गया. उक्त संविदा में कंपनी की पात्रता एवं कार्य निष्पादन से संबंधित निर्धारित शर्तों एवं मानकों का पालन किया जाना अनिवार्य था. कंपनी द्वारा निर्धारित आर्हताओं एवं संविदात्मक शर्तों के पालन में गंभीर त्रुटियों तथा कार्यप्रणाली में वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में शिकायतें प्राप्त हुई हैं, समय-समय पर अखबारों में भी सफाई में लापरवाही संबंधित समाचार प्रकाशित की गयी है. चारों शहरी निकायों में कंपनी द्वारा किये जा रहे कार्यों की जमीनी स्थिति एवं कार्यशैली को लेकर लगातार गंभीर सवाल एवं शिकायतें सामने आ रही हैं. (नीचे भी पढ़ें)
सफाई व्यवस्था जैसी मूलभूत नागरिक सेवा में अपेक्षित गुणवत्ता एवं नियमितता सुनिश्चित नहीं होने की स्थिति में आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. यदि एजेंसी द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य नहीं किया जा रहा है, तो उसकी जवाबदेही निर्धारित करना भी आवश्यक है. पत्र में आठ बिंदुओं में समस्याओं का जिक्र किया है, जिस पर कार्रवाई किया जाने की मांग की है. इन लोगों ने मांग की है कि क्यूब आदित्यपुर वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के कार्यों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए. (नीचे भी पढ़ें)
चारों निकायों में कंपनी द्वारा किए जा रहे साफ-सफाई एवं ठोस कचरा प्रबंधन कार्यों का स्थल निरीक्षण एवं वास्तविक प्रदर्शन का मूल्यांकन कराया जाए, कंपनी द्वारा किए जा रहे कार्यों का निविदा/अनुबंध की शर्तों एवं निर्धारित सेवा मानकों के साथ मिलान कराया जाए, घर-घर कचरा संग्रहण, कचरे के उठाव एवं परिवहन, सफाई कर्मियों की उपलब्धता, वाहनों एवं संसाधनों की तैनाती तथा कचरे के उचित निस्तारण की व्यवस्था की समीक्षा की जाए, यदि जांच में कंपनी की ओर से लापरवाही, अनियमितता अथवा अनुबंधीय शर्तों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए, चारों नगर निकायों से प्राप्त शिकायतों एवं जमीनी रिपोर्ट को संज्ञान में लेते हुए कंपनी की जवाबदेही तय की जाए, जांचोपरांत दोषी पाए जाने की स्थिति में कंपनी को ब्लैक लिस्ट करते हुए इसके सारे भुगतान पर अविलम्ब रोक लगाते हुए एफआइआर की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाये एवं नए रूप से किसी नई कंपनी को सफाई की जिम्मेदारी देने हेतु आवश्यक कार्यवाई की जाये, सफाई एवं ठोस कचरा प्रबंधन सीधे तौर पर आम नागरिकों के स्वास्थ्य, स्वच्छ वातावरण एवं शहरी व्यवस्था से जुड़ा विषय है. इसलिए इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही को उचित नहीं माना जा सकता. चारो नगर निकायों की ओर से आग्रह है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए क्यूब आदित्यपुर वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड की कार्यशैली की तत्काल समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा चारों निकायों को की गई कार्रवाई से अवगत कराया जाए.




