जमशेदपुर : गंगीय पश्चिम बंगाल के उत्तरी भागों एवं आसपास के क्षेत्रों के ऊपर स्थित अवदाब पिछले 6 घंटों के दौरान 10 किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा और मंगलवार 18 अगस्त को 0530 बजे, झारखंड तथा उससे सटे गंगीय पश्चिम बंगाल के उत्तरी भागों के ऊपर 23.8° नार्थ अक्षांश एवं 86.1° इस्ट देशांतर के निकट केंद्रित रहा. यह रांची (झारखंड) से लगभग 100 किमी उत्तर-पूर्व, गया (बिहार) से 160 किमी दक्षिण-पूर्व, डाल्टनगंज (झारखंड) से 210 किमी पूर्व, अंबिकापुर (छत्तीसगढ़) से 300 किमी पूर्व-उत्तर-पूर्व तथा वाराणसी (उत्तर प्रदेश) से 380 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व में स्थित था. इसके अगले 24 घंटों के दौरान झारखंड तथा बिहार के ऊपर से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते रहने की बहुत संभावना है. दूसरी ओर, बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब के कारण पूर्वी सिंहभूम में फिर बारिश की रफ्तार तेज होनेवाली है. मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तट पर बना अवदाब बना हुआ है. (नीचे भी पढ़ें)
अगले 24 घंटे में इसके पहले उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और फिर पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार से होते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है. इसके प्रभाव से मंगलवार और बुधवार को झारखंड के लगभग सभी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. पूर्वी सिंहभूम के कई स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है. दूसरी ओर, लगातार बारिश के कारण सुवर्णरेखा और खरकई नदी का जलस्तर अब भी चिंता का विषय बना हुआ है. हालांकि, पहले की तुलना में दोनों नदियों के जलस्तर में कमी आयी है, लेकिन अगले दो दिनों में बारिश का जोर बढ़ने पर जलस्तर में फिर वृद्धि की आशंका है.




