जमशेदपुर : जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और एमजीएम मेडिकल कॉलेज में पीजी की सीटें बढ़ाने की दिशा में तैयारियां तेज कर दी गई हैं. गुरुवार को राज्य के अपर स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह ने ऑनलाइन समीक्षा बैठक कर अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं की जानकारी ली. बैठक में एमजीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ संजय कुमार, अस्पताल अधीक्षक डॉ बलराम झा समेत स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी शामिल हुए. अपर स्वास्थ्य सचिव ने अस्पताल में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक डॉक्टरों, विशेषज्ञ चिकित्सकों और जांच उपकरणों की जरूरत का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर भेजने का निर्देश दिया. साथ ही आईसीयू की व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं सुचारु रूप से उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया. (नीचे भी पढ़ें)
ई-रजिस्ट्रेशन को 100 प्रतिशत करने का निर्देश : समीक्षा बैठक में एमजीएम अस्पताल में ई-रजिस्ट्रेशन की स्थिति पर भी चर्चा हुई. वर्तमान में करीब 80 प्रतिशत मरीजों का ई-रजिस्ट्रेशन हो रहा है. अपर स्वास्थ्य सचिव ने अधिकारियों को शेष मरीजों को भी ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा से जोड़ते हुए ई-रजिस्ट्रेशन को 100 प्रतिशत तक पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया. (नीचे भी पढ़ें)
पीजी की 48 नई सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव : एमजीएम मेडिकल कॉलेज में पीजी की सीटें बढ़ाने को लेकर भी विस्तार से समीक्षा की गई. वर्तमान में कॉलेज में पीजी की 51 सीटें संचालित हो रही हैं. इनमें 48 सीटों की और बढ़ोतरी का प्रस्ताव है. इसके लिए विभागवार आवश्यक संसाधन, चिकित्सकों की उपलब्धता और अन्य निर्धारित मानकों को पूरा करने पर चर्चा हुई. अपर स्वास्थ्य सचिव ने पीजी सीटों की बढ़ोतरी के लिए सभी आवश्यक तैयारियां जल्द पूरी करने का निर्देश दिया. (नीचे भी पढ़ें)
ब्लड बैंक और ऑक्सीजन आपूर्ति की भी समीक्षा : बैठक में अस्पताल के ब्लड बैंक की स्थिति की समीक्षा की गई. इसके अलावा वार्डों तक एलएमओ के माध्यम से होने वाली ऑक्सीजन आपूर्ति की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया. अधिकारियों को मरीजों की जरूरत के अनुसार अतिरिक्त विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में भी कार्रवाई करने को कहा गया. (नीचे भी पढ़ें)
अधिक मरीजों को आभा आईडी से जोड़ने पर जोर : अपर स्वास्थ्य सचिव ने अधिक से अधिक मरीजों को आभा आईडी से जोड़ने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों में भी आभा आईडी की सुविधा लागू करने की दिशा में काम किया जा रहा है. इससे मरीजों के स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर आसानी से उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी. (नीचे भी पढ़ें)
साकची के निर्माणाधीन अस्पताल में सुपर स्पेशलिटी सुविधाओं पर चर्चा : ऑनलाइन बैठक में साकची में निर्माणाधीन अस्पताल को सुपर स्पेशलिटी सुविधाओं से लैस करने को लेकर भी चर्चा की गई. वहीं, पूर्वी सिंहभूम के सदर अस्पताल में मरीजों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए अतिरिक्त डॉक्टरों और आवश्यक जांच उपकरणों की उपलब्धता पर भी विचार किया गया. (नीचे भी पढ़ें)
बैठक में पूर्वी सिंहभूम के सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल और सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ कमलेया कुमार भी शामिल हुए.




