रांची : भाजपा ने झारखंड में परिसीमन मामले पर कांग्रेस द्वारा केवल झूठ परोसने और इस पर दोहरी राजनीति करने को लेकर जोरदार हमला किया है. पार्टी के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने 2008 में तत्कालीन केंद्र की यूपीए सरकार पर हमला बोलते हुए कांग्रेस द्वारा की गई पूर्व की गलतियों के लिए कांग्रेस और राहुल गांधी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है. उन्होंने कहा कि आज परिसीमन का जो भी विवाद है. उसकी जिम्मेवारी सिर्फ और सिर्फ कांग्रेस की है, इस पार्टी की गलत नीतियों की यह देन है. कांग्रेस ने कभी इसका स्थाई समाधान चाहा ही नहीं और बीमारी का रूप बढ़ता गया। भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे. श्री बाउरी ने कहा कि भाजपा जनजातीय समाज की सदैव हितैषी रही है. भाजपा ने कई मौकों पर इसे प्रमाणित किया है. उन्होंने कहा कि 2008 में देश में संविधान संशोधन किया गया था. तब जनसंख्या के आधार पर परिसीमन का प्रस्ताव कांग्रेस की सरकार ने किया था. इससे झारखंड की आदिवासी सीटों की संख्या 28 से घटकर 22 हो रही थी. ऐसी परिस्थिति में भाजपा ने जनजातीय समुदाय के हितों और उनकी भावनाओं का कद्र करते हुए कांग्रेस का समर्थन किया था. 2008 में भाजपा ने यूपीए सरकार को संविधान में 84वें संशोधन के लिए राजनीति से ऊपर उठकर साथ देने का काम दिया था. (नीचे भी पढ़े)
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने पूरे कार्यकाल में एक भी उदाहरण पेश करे कि उन्होंने जनजातीय समुदाय के विकास के लिए या उनके सम्मान के लिए कोई कार्य किया हो. श्री बाउरी ने कहा कि आज कांग्रेस आदिवासी सीटें घटने को लेकर झारखंड में भ्रम फैला रही है। पहले तो कांग्रेस और राहुल गांधी को 2008 के प्रस्ताव के लिए जनजातीय समुदाय से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए. कांग्रेस ने कई गलतियां की है. अगर वास्तव में राहुल गांधी को अपराध बोध के कारण आज पछतावा हो रहा है, तो जनता से अविलंब माफी मांगनी चाहिए. श्री बाउरी ने कहा कि आज जो चरित्र कांग्रेस दिखा रही है, 2008 में वही चरित्र अगर भारतीय जनता पार्टी दिखाई होती तो क्या यह संशोधन कांग्रेस कर पाती? उस समय भाजपा सकारात्मक राजनीति का परिचय देते हुए कांग्रेस की सरकार को अपना समर्थन नहीं देती तो क्या यह संशोधन संभव था ? तब तो 2008 में ही आदिवासी सीटें घट गई होती. लेकिन बीजेपी का यह स्वभाव नहीं है. भाजपा हमेशा राष्ट्र और यहां के नागरिकों के वृहद लाभ, उनके हक के साथ खड़ी रहती है. श्री बाउरी ने कहा कि परिसीमन आयोग के गठन के पहले ही कांग्रेस हायतौबा मचा रही है. अभी तक परिसीमन आयोग का गठन बीजेपी सरकार ने किया भी नहीं है और न ही कोई प्रपोजल ही दिया गया है. कांग्रेस बेवजह आरोप लगा रही है। कांग्रेस कभी नहीं चाहती कि आदिवासी, दलित, महिलाओं को उनका वास्तविक हक अधिकार मिले. कांग्रेस हर बार नया झूठ, नया नेगेटिव लेकर जनता को भ्रमित करती रहती है. उनके इस झूठ से झारखंड को, देश को कितना नुकसान होगा इससे उनको कोई चिंता नहीं है. (नीचे भी पढ़े)
उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने साफ कर दिया है कि इस बार परिसीमन का आधार जनसंख्या नहीं होगा. जितनी सीटें हैं उसमें 50% बढ़ोतरी के साथ सीटें बढ़ाई जाएगी. अगर यहां 81विस सीटें हैं तो 121 सीटें होगी, 28 एसटी सीटों की जगह वह बढ़कर 42 हो जाएगी, 9 sc सीटें हैं वह 14 हो जाएगी. जब सीटें बढ़ने वाली थी तो झामुमो कांग्रेस ने इसका विरोध किया. जेएमएम और कांग्रेस गृहमंत्री का जो 50% वाला मॉडल है उसको स्वीकार कर ले तो परिसीमन को लेकर जो विसंगतियां हैं वह हमेशा के लिए खत्म हो जाती. कांग्रेस झामुमो बतलाए कि वह किस कारण से जनसंख्या को ही आधार बनाकर रखना चाहती है. यह गृह मंत्री के 50% वाले मॉडल को क्यों नहीं स्वीकार कर रही है. इन दोनों दलों को यह बताना चाहिए. जब सीटें बढ़ रही थी तब उन्होंने विरोध क्यों किया और दूसरी तरफ लोगों को गुमराह कर रहे हैं कि सीट घट रही है. इसका कारण कांग्रेस की गलत नीतियां है. श्री बाउरी ने कहा कि इतना ही नहीं,15 नवंबर 2000 को अटल बिहारी वाजपेई ने अलग झारखंड का सौगात दिया. कांग्रेस की सत्ता देश में लगातार रही लेकिन कांग्रेस ने कभी भी यहां के लोगों की भावनाओं को नहीं समझा और ना ही यहां के नागरिकों का सम्मान किया. एक समय आया था जब कांग्रेस अलग राज्य दे सकती थी लेकिन उसने सरकार बचाने के लिए यहां के लोगों को रिश्वत देना ज्यादा मुनासिब समझा. (नीचे भी पढ़े)
कांग्रेस ने बार-बार अपना चरित्र झारखंड वासियों के समक्ष दिखाने का काम किया है. अलग राज्य का दर्जा देकर बीजेपी ने बताया कि झारखंड वासियों की वह कितनी बड़ी हितैषी है. 1 नवंबर 2000 को ही देश के मानचित्र पर तीन राज्यों झारखंड, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड का गठन हुआ था लेकिन झारखंड 15 नवंबर को इस लिए अस्तित्व में आया क्योंकि 15 नवंबर धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती है और उनकी जयंती ऐतिहासिक हो इसलिए अटक सरकार ने 15 नवंबर का दिन चुना. इतना ही नहीं मोदी सरकार द्वारा भगवान बिरसा की जन्म जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का घोषणा किया गया है. भाजपा ने द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति जैसे देश के शीर्ष पद पर बैठाया. जब राज्य अलग बना तो पहले मुख्यमंत्री के रूप में बाबूलाल मरांडी ने शपथ ली. भाजपा ने हमेशा दिखलाया है कि वह आदिवासियों की सिर्फ हितकारी ही नहीं है बल्कि उनके लिए भाजपा सरकार वैसी योजनाएं और व्यवस्था लेकर आती है जिसके बलबूते वह स्वावलंबी बन सकें. इस दौरान प्रदेश प्रवक्ता अशोक बड़ाइक, प्रकाश सिंह, मीडिया सह प्रभारी नीरज सिंह भी उपस्थित रहे.




