जमशेदपुर : जुगसलाई नगर परिषद की चेयरपर्सन नौशीन खान ने नगर परिषद के अधिकारियों, इंजीनियरों और सिटी मैनेजर के साथ गौरी शंकर रोड स्थित गंगौर स्वीट्स से भाटिया बैग दुकान तक सड़क का विस्तार से निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने बारिश के कारण हुए जलजमाव और जर्जर सड़क की स्थिति का जायजा लिया. साथ ही नगर परिषद के अन्य इलाकों में बनी बाढ़ जैसी स्थिति को लेकर भी अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए. गौरी शंकर रोड पर गंगौर स्वीट्स से भाटिया बेग तक मुख्य सड़क की खराब हालत और बारिश के पानी की निकासी की सही व्यवस्था नहीं होने से पैदा हुई समस्या पर चेयरपर्सन ने नाराजगी जताई. स्थानीय लोगों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद किए गए इस अचानक निरीक्षण में देखा गया कि थोड़ी बारिश के बाद ही सड़क पर काफी मात्रा में पानी जमा हो जाता है और पूरा इलाका तालाब जैसा दिखाई देने लगता है. इससे आम लोगों, राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है. निरीक्षण के दौरान नौशीन खान ने मौजूद इंजीनियरों, सिटी मैनेजर और अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़क और नाली के निर्माण के लिए तुरंत प्राक्कलन तैयार किया जाए. इसके बाद टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए. उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में अगर टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने में समय लगता है, तो लोगों को तत्काल राहत देने के लिए सड़क की अस्थायी मरम्मत तुरंत कराई जाए, ताकि जलजमाव की समस्या कम हो सके. चेयरपर्सन ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि इस मामले को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि जमीन पर भी काम दिखाई देना चाहिए. उन्होंने कहा कि लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर परिषद की पहली जिम्मेदारी है. (नीचे भी पढ़े)

सड़क और जल निकासी से जुड़ी समस्याओं के समाधान में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.इसके बाद नौशीन खान ने गरीब नवाज कॉलोनी, इस्लाम नगर और शिवा घाट रोड सहित उन इलाकों का भी जायजा लिया, जहां बारिश और नदी का पानी बढ़ने के कारण बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो जाती है. उन्होंने अधिकारियों से स्थिति की पूरी जानकारी ली और नालों की मौजूदा स्थिति का भी निरीक्षण किया. इस मौके पर नौशीन खान ने बताया कि इन इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति का एक बड़ा कारण केवल नदी का पानी नहीं है, बल्कि नालों में पानी का वापस आना यानी बैकफ्लो भी है. नदी का पानी जब नालों में वापस आने लगता है तो नालों का पानी आबादी वाले इलाकों में प्रवेश कर जाता है. इसके कारण कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है. चेयरपर्सन नौशीन खान ने कहा कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए पिछली बोर्ड बैठक में स्लुइस गेट बनाने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे बोर्ड ने मंजूरी भी दे दी थी. उन्होंने आज एक बार फिर कार्यपालक पदाधिकारी और संबंधित इंजीनियरों से इस मामले में बातचीत की और स्लुइस गेट के निर्माण के लिए तेजी से कार्रवाई करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि जुगसलाई नगर परिषद के गरीब नवाज कॉलोनी, इस्लाम नगर और शिव घाट रोड में स्थित नालों पर स्लुइस गेट बनाना लोगों को बाढ़ के पानी से बचाने के लिए बेहद जरूरी है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही न हो और सभी कानूनी और तकनीकी प्रक्रियाएं जल्द पूरी की जाएं. (नीचे भी पढ़े)
नौशीन खान ने कहा कि लोगों को बारिश, जलजमाव और बाढ़ के कारण होने वाली परेशानियों से राहत दिलाना नगर परिषद की प्राथमिकताओं में शामिल है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तत्काल राहत के लिए कम समय में किए जाने वाले कामों के साथ-साथ समस्या के स्थायी समाधान की भी योजना बनाई जाए, ताकि हर साल बरसात के मौसम में लोगों को उन्हीं समस्याओं का सामना न करना पड़े. इसी सिलसिले में उन्होंने झारखंड सरकार के जल संसाधन विभाग के मंत्री हफीजुल हसन अंसारी को भी एक पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने मांग की है कि जुगसलाई में दो स्लुइस गेट का निर्माण कराया जाए. उन्होंने मंत्री से अनुरोध किया है कि जुगसलाई का एक बड़ा हिस्सा इस नाले के पानी से प्रभावित होता है, इसलिए इस दिशा में जल्द कार्रवाई की जाए. उन्होंने मंत्री से यह भी अनुरोध किया है कि विभागीय स्तर पर फंड उपलब्ध कराकर स्लुइस गेट का निर्माण कराने की पहल की जाए, ताकि जुगसलाई के निचले इलाकों में रहने वाले सैकड़ों घरों को हर साल बाढ़ के पानी में डूबने से बचाया जा सके. निरीक्षण के दौरान नगर परिषद के सिटी मैनेजर, इंजीनियर, संबंधित अधिकारी और अन्य कर्मचारी मौजूद थे.




