जमशेदपुर : जमशेदपुर का युवा कारोबारी निखार सबलोक की हत्या के मामले में पुलिस ने अनुसंधान अपना पूरा कर लिया है. इस मामले को लेकर बुधवार (आज) 2 सितम्बर 2026 को जमशेदपुर एसएसपी औऱ सरायकेला खरसावां के एसपी का संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस बुला लिया गया है. इसमें पुलिस कांड पर से पर्दा उठाने जा रही हैं. हत्या किन लोगो ने कराया, क्यों कराया, कैसे कराया इसकी जानकारी पुलिस देगी. पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले में कुल आठ लोगों की संलिप्तता सामने आई है, जिनमें से सात पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं. पुलिस के आधिकारिक खुलासे से पहले सूत्रों से मिल रही इन जानकारियों की पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गैंगस्टर अखिलेश सिंह के करीबी रहे विक्रम शर्मा की मौत के बाद उसके नेटवर्क को संभाल रहे अशोक सिंह राघव की भूमिका भी इस हत्याकांड में सामने आई है. उसी ने हत्या के लिए पैसे दिये थे. सूत्रों का दावा है कि अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह, उसका चालक सुनील, उत्तर प्रदेश के रहने वाले अंकित सिंह को गिरफ्तार किया गया है. दूसरा शूटर फरार है जबकि सिंटू सिंह भी फरार है. इस मामले में सोनारी निवासी संजीव केराई शूटर रितेश, शिबू, अंकित सिंह समेत अन्य संदिग्ध पुलिस की गिरफ्त में हैं. वहीं, अशोक सिंह राघव फिलहाल टाटा मुख्य अस्पताल में पुलिस कस्टडी में इलाजरत बताया जा रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार, हत्याकांड की साजिश के तार दुमका जेल में बंद गैंगस्टर अखिलेश सिंह से जुड़ने की बात सामने आ रही है. दावा किया जा रहा है कि अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह ने कथित तौर पर 10 लाख रुपये में हत्या की सुपारी ली थी. उसके चालक की भूमिका निखार की रेकी करने से लेकर वारदात के बाद शूटरों को सुरक्षित निकलने में मदद करने तक बताई जा रही है. वहीं, अशोक सिंह राघव पर कथित तौर पर अपराधियों को फंडिंग उपलब्ध कराने का आरोप भी सामने आया है. हालांकि, इन सभी दावों पर पुलिस की आधिकारिक मुहर लगनी अभी बाकी है. सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम में गणेश सिंह और उससे जुड़े कुछ अन्य लोग निशाने पर थे. हत्या के पीछे सर्किट हाउस क्षेत्र के एक जमीन विवाद की भूमिका की भी जांच किए जाने की बात सामने आ रही है. निखार की हत्या उसी गैंगवार या आपसी रंजिश की कड़ी थी अथवा इसके पीछे कोई दूसरा कारण था, इसका स्पष्ट जवाब पुलिस के आधिकारिक खुलासे के बाद ही मिल सकेगा. गौरतलब है कि 24 अगस्त को युवा कारोबारी निखार सबलोक की सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-33 स्थित टेंथ माइल स्टोन रिसोर्ट के समीप गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. घटना के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए कोल्हान डीआईजी के निर्देश पर जमशेदपुर एसएसपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था. जांच में सरायकेला-खरसावां और जमशेदपुर पुलिस के तीन दर्जन से अधिक पुलिस पदाधिकारियों को लगाया गया था. अब सभी की निगाहें पुलिस के आधिकारिक खुलासे पर टिकी हैं. पुलिस के खुलासे के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि निखार सबलोक की हत्या की वास्तविक वजह क्या थी, साजिश किसने रची, हत्या की सुपारी किसने दी और वारदात को अंजाम देने में किसकी क्या भूमिका रही. शायद. यह पहली बार होगा जब दो ज़िलें के एसपी रैंक के अधिकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे है. यह बताता है कि कैसे कोऑर्डिनेशन में पुलिस ने काम किया है.








