जमशेदपुर : महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के एनेस्थीसिया और सर्जिकल दल ने आधुनिक चिकित्सा तकनीक का उपयोग करते हुए एक जटिल मामले को सफलतापूर्वक सुलझाया है. जुगसलाई के मिल्लत नगर निवासी 62 वर्षीया महिला फिरोज़ा खातून ‘कैल्कुलस कोलेसिस्टाइटिस’ (पित्ताशय की थैली में पथरी व सूजन) के इलाज के लिए सर्जरी विभाग में भर्ती हुई थी. अधिक वजन, छोटी गर्दन और जटिल श्वासनली (डिफिकल्ट एयरवे) के चलते मरीज को एनेस्थीसिया देना और श्वासनली में ट्यूब डालना बेहद चुनौतीपूर्ण व जोखिम भरा था. इस स्थिति से निपटने के लिए एनेस्थीसिया टीम ने आधुनिक ‘फाइबर ऑप्टिक ब्रोंकोस्कोपिक इंट्यूबेशन’ तकनीक का सहारा लिया, जिससे मरीज को बिना किसी परेशानी के सुरक्षित तरीके से बेहोश कर श्वासनली को नियंत्रित किया गया. (नीचे भी पढ़ें)
इसके उपरांत मुख्य सर्जन डॉ एसपी गुप्ता और उनकी टीम ने सफलतापूर्वक ऑपरेशन पूरा किया. इस प्रक्रिया में एनेस्थीसिया प्रभारी डॉ संजीव कुमार के नेतृत्व में डॉ नयन, डॉ शुभदीप, डॉ सिमरन के साथ सहायक चिकित्सक डॉ रिया, डॉ नीलम, डॉ मोहित तथा नर्सिंग स्टाफ सोनी एवं ओटी स्टाफ नितेश का विशेष योगदान रहा. ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति बेहतर है और वह स्वास्थ्य लाभ कर रही है.




