जमशेदपुर: गौभक्ति, सनातन संस्कृति और गौसेवा के संदेश से शुक्रवार को जमशेदपुर का वातावरण भक्तिमय हो उठा. पूर्वी सिंहभूम जिला अग्रवाल सम्मेलन, ध्यान फाउंडेशन एवं श्री गोपाल परिवार संघ के संयुक्त तत्वावधान में कुसुम कमानी ऑडिटोरियम, बिष्टुपुर में आयोजित तीन दिवसीय “श्री गो-कृपा कथा महोत्सव”का प्रथम दिन श्रद्धा, भक्ति, ऊर्जा और उत्साह से परिपूर्ण रहा.कथा का शुभारंभ परम पूज्य संत ग्वाल श्री जी महाराज द्वारा विधिवत गौ-पूजन के साथ हुआ. गौ-पूजन ध्यान फाउंडेशन के निदेशक राजकुमार अग्रवाल एवं उनकी धर्मपत्नी ने किया. मंच पर पूरे कथा सत्र के दौरान नंदी की विशेष उपस्थिति भी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण एवं आस्था का केंद्र बनी रही.साध्वी श्रद्धा दीदी भी पूरी कथा में मौजूद रही, विगत वर्ष प्रथम गौ कथा उन्हीं के द्वारा संपन्न हुआ था.(नीचे भी पढ़े)

“गौ माता परमात्मा का जीता-जागता स्वरूप”: प्रथम दिवस की कथा में संत ग्वाल श्री जी महाराज ने गौ माता के स्वरूप, महत्त्व और भारतीय सनातन संस्कृति में उनके स्थान पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि “गौ माता परमात्मा का जीता-जागता स्वरूप हैं.”उन्होंने गौ माता को जीवंत देवालय एवं चिकित्सालय बताते हुए कहा कि गौवंश केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय जीवन-पद्धति और सनातन संस्कृति का अभिन्न आधार है. उन्होंने गौवंश के संरक्षण, संवर्धन और सेवा के प्रति समाज को जागरूक करते हुए कहा कि गौसेवा को केवल आयोजन या औपचारिकता तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए. संत ग्वाल श्री जी महाराज ने जोर देते हुए कहा “गौशाला समाधान नहीं है, बल्कि हर हिंदू के घर में एक गाय का होना ही असली उपाय है.”
उन्होंने कहा कि गौ सेवा ही सबसे बड़ी साधना है और भारतीय सनातन संस्कृति की सच्ची आत्मा गौ रक्षा एवं सेवा में निहित है. कथा के दौरान महाराज जी ने गौवंश से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण तथ्यों एवं पहलुओं को सरल और प्रभावी ढंग से श्रद्धालुओं के समक्ष रखा..(नीचे भी पढ़े)
82 हजार किलोमीटर से अधिक की पदयात्रा का संकल्प: कथा के दौरान संत ग्वाल श्री जी महाराज के गौसेवा के प्रति समर्पण और तपस्वी जीवन की भी चर्चा हुई. बताया गया कि गौसेवा और गौसंरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से वे अब तक 82 हजार किलोमीटर से अधिक पैदल यात्रा कर चुके हैं.उनका अत्यंत सरल जीवन, अनुशासित दिनचर्या और गौसेवा के लिए निरंतर सक्रिय रहने का संकल्प श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का विषय बना. कथा के दौरान उनके ओजस्वी वक्तव्य और गौवंश के प्रति समर्पण ने उपस्थित जनसमुदाय को भाव-विभोर कर दिया.(नीचे भी पढ़े)
गौ-महिमा के संदेश से भक्तिमय हुआ वातावरण: कथा के दौरान ऑडिटोरियम में उपस्थित श्रद्धालु पूरी एकाग्रता के साथ महाराज जी के मुखारविंद से गौ-महिमा का श्रवण करते रहे. गौ माता के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्त्व पर दिए गए संदेशों ने उपस्थित लोगों को गौसेवा एवं संरक्षण के प्रति अपने दायित्व पर विचार करने के लिए प्रेरित किया.पूरे आयोजन स्थल पर भक्ति और उत्साह का वातावरण रहा तथा श्रद्धालुओं में कथा को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला. (नीचे भी पढ़े)
कई गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति: प्रथम दिवस के कार्यक्रम में समाज के अनेक गणमान्य नागरिक एवं प्रमुख समाजसेवी उपस्थित रहे. इनमें दीपक प्रकाश, पूर्व राज्यसभा सांसद , नकुल कामानी, रामावतार अग्रवाल, अरुण बकरेवाल, मानव केडिया, पुनीत काउंटिया, राजीव अग्रवाल, रामावतार अग्रवाल (स्टील सिटी), संजय पलसानिया, हर्ष बकरेवाल, अरुण रामुका, लालचंद अग्रवाल, उमेश काउंटिया, आरके झुनझुनवाला, दीनदयाल काउंटिया, अनिल अग्रवाल, दीपक भालोटिया, श्रीमती प्रेमलता अग्रवाल, मुरलीधर केडिया, दीपक भावती, पवन नरेड़ी, राजेश लोढा, कमल किशोर अग्रवाल, शिव शंकर सिंह, महाबीर प्रसाद अग्रवाल सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे.(नीचे भी पढ़े)
महिला टीम ने संभाली आयोजन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां: महोत्सव को सफल बनाने के लिए आयोजन समिति की महिला टीम भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सक्रिय रही. नूपुर तुलस्यान, अंजू चेतानी, मनीषा सांघी, कविता अग्रवाल,अर्चना अग्रवाल,नीतू अग्रवाल, नीतू हरनाथका, सुशीला सांघी, सीमा जवानपुरिया, रानी अग्रवाल, सीमा अग्रवाल, रीना गोयल, मंजू कावटिया, निशा अग्रवाल, बाबिता मूनका, ममता मूनका, नेहा चौधरी, श्रीजी गर्ग, सबिता गर्ग, पायल अग्रवाल, सपना भावका, श्यामा कावटिया, उषा चौधरी, राजदुलारी झाझरिया, रश्मि झाझरिया एवं स्मिता मूनका सहित अन्य सदस्य व्यवस्थाओं में सक्रिय रहीं. (नीचे भी पढ़े)
पुरुष टीम ने भी संभाली आयोजन की कमान: आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं में राजकुमार अग्रवाल, सुमित्र साह, विजय आनंद मूनका, अभिषेक अग्रवाल गोल्डी, अश्विनी कुमार अग्रवाल, मंटू लाल अग्रवाल, संदीप मुरारका, मयूर सांघी, लिप्पू शर्मा, रोहित अग्रवाल, अंशुल रिंगासिया, प्रतीक अग्रवाल, ऋषि जालान, राजेश पसारी, राहुल चौधरी, हेमंत अग्रवाल, केशव गोयल, अमन गोयल, शशांक भालोटिया, ओमप्रकाश मूनका, विकास गर्ग, सन्नी सांघी, अजय भालोटिया, मनोज गोयल, ललित डांगा, बिमल बकरेवाल, कृष्णा अग्रवाल, अनीमेष छापोलिया, बबलू अग्रवाल मिनी, बजरंग लाल अग्रवाल, प्रदीप अग्रवाल पिकू, अशोक गोयल, विमल रिंगसिया आदर्श शर्मा, प्रतीक कुमार, कुशल गनेरीवाल, नवनीत चौधरी एवं मोहित मूनका सहित अन्य सदस्य जुटे रहे.(नीचे भी पढ़े)
गौ आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ प्रथम दिवस का समापन– कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से गौ आरती में भाग लिया. भक्तिमय वातावरण में हुई गौ आरती के पश्चात सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया. तीन दिवसीय श्री गो-कृपा कथा महोत्सव के प्रथम दिन की सफलता ने आगामी दोनों दिनों के लिए भी श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ा दिया है. आयोजन समिति ने शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा का श्रवण करने तथा गौसेवा और गौसंरक्षण के संदेश से जुड़ने का आह्वान किया.




