जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम सेंट्रल दुर्गापूजा समिति की 11 सदस्यीय टीम ने आगामी दुर्गा पूजा के मद्देनज़र तैयारियों का जायजा लेने के क्रम में शहर के प्रमुख विसर्जन घाटों का जायजा लिया. टीम के सदस्यों ने भुइयांडीह घाट, पाण्डेय घाट, स्वर्णरेखा घाट, दो मुहानी घाट, बेली बोधनवाला घाट के साथ ही अन्य प्रमुख घाटों का भी जायजा लिया. निरीक्षण के क्रम में टीम के सदस्यों ने देखा कि अधिकांश विसर्जन घाटों पर कचरे का अम्बार लगा हुआ है. इसके साथ ही कुछ स्थानों पर नदी भी जलकुम्भी से भरी पड़ी है. हाल ही में संपन्न हुई गणेश पूजा और विश्वकर्मा पूजा विसर्जन के बाद नदियों के सभी घाटों की स्थिति बहुत ही दयनीय हो गई है. अपशिष्ट के सड़ने और दुर्गन्ध के कारण घाटों पर खड़ा होना भी मुश्किल हो रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
समिति के महासचिव ललन यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि पूर्वी सिंहभूम सेंट्रल दुर्गा पूजा समिति ने विगत 13 सितम्बर को ही उपायुक्त एवं वरीय पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर नदी घाटों की समस्याओं से अवगत कराते हुए साफ़-सफाई और मरम्मत की मांग रख दी है. उपायुक्त द्वारा इस विषय में अपने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देशित भी किया गया है. उन्होंने नवरात्र आरम्भ होने से एक सप्ताह पहले तक पूर्वी सिंहभूम जिले के सभी विसर्जन घाटों की साफ़-सफाई और मरम्मत के लिए एक नोडल अफसर की निगरानी में ये कार्य करवाने की मांग की, ताकि पूजा कमिटियों को आयोजन के समापन में सुगमता हो. समिति की टीम ने ग्रामीण क्षेत्रों के कुछ घाटों को चिह्नित कर उनकी सूची बनाई है. ऐसे घाटों की यदि पूजा से एक सप्ताह पहले मरम्मत और साफ़ -सफाई हो जायगी तो दुर्गापूजा के साथ-साथ छठ में भी श्रद्धालुओं को काफी सुविधा हो जाएगी. इसके साथ ही कार्पोरेट संस्थानों के प्रमुख अधिकारियों से मिलकर उनसे भी अपने-अपने क्षेत्र में पड़ने वाले विसर्जन घाटों को सुधारने का आग्रह करने का निर्णय लिया गया.




