जमशेदपुर : दुर्गापूजा के दौरान महिलाओं और युवतियों से छेड़खानी करने वालों तथा सार्वजनिक स्थलों पर हुड़दंग मचाने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी. पूजा पंडालों, मेला स्थलों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले चौक-चौराहों पर महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शक्ति कमांडो टीम को सक्रिय किया गया है. एसएसपी डॉ एहतेशाम वकारिब की पहल पर साकची महिला थाना प्रभारी रूपा पाल के नेतृत्व में महिला पुलिसकर्मियों को सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है. आधुनिक हथियारों और इलेक्ट्रिक डंडों से लैस कमांडो टीम का उद्देश्य श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं और युवतियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है, ताकि वे बेखौफ होकर मां दुर्गा के दर्शन कर सकें और मेले का आनंद उठा सकें. दुर्गापूजा के दौरान शहर के प्रमुख पूजा पंडालों और बाजारों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. इस दौरान मनचलों की गतिविधियों, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग करने वालों पर शक्ति कमांडो की विशेष नजर रहेगी. किसी भी तरह की अशोभनीय हरकत सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. (नीचे भी पढ़ें)
महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शक्ति कमांडो को शहर के छह प्रमुख रूटों पर विशेष जिम्मेदारी दी गई है. इनमें सीतारामडेरा-सिदगोड़ा, मानगो-आजादनगर-उलीडीह, टेल्को-बिरसानगर-गोविंदपुर, गोलमुरी-बर्मामाइंस, साकची-बिष्टुपुर और सोनारी-कदमा क्षेत्र शामिल हैं. इन इलाकों में महिला पुलिसकर्मी भीड़भाड़ वाले स्थानों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके शक्ति कमांडो की जिम्मेदारी केवल दुर्गापूजा तक सीमित नहीं है. सामान्य दिनों में भी स्कूलों की छुट्टी के समय छात्राओं की सुरक्षा के लिए टीम को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जाता है. इसका उद्देश्य छात्राओं को परेशान करने वाले मनचलों पर अंकुश लगाना और महिलाओं के खिलाफ होने वाली छेड़खानी की घटनाओं को रोकना है. दुर्गापूजा के दौरान भीड़ और आवाजाही बढ़ने के कारण टीम की सक्रियता और निगरानी को और महत्वपूर्ण माना जा रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
साकची महिला थाना प्रभारी रूपा पाल के नेतृत्व वाली शक्ति कमांडो टीम में मनकुमारी उरांव, गुड़िया उरांव, परवीन अख्तर, नूतन मंजू मिंज, सरिता मार्डी, राधा रानी महतो, सुमित्रा कुंवर गंझू और जमुना कुमारी मुर्मू शामिल हैं. पुलिस की इस पहल का मुख्य उद्देश्य दुर्गापूजा के दौरान महिलाओं और युवतियों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना तथा असामाजिक तत्वों में कानून का भय बनाए रखना है. पुलिस की सक्रिय निगरानी से पूजा पंडालों और मेला स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी है.






