गालूडीह : खेतों की उर्वरता बनाए रखने और कृषि को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र दारिसाई की ओर से घाटशिला प्रखंड के विभिन्न गांवों में किसानों के बीच जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. देश व्यापी खेत बचाओ अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों को मिट्टी के स्वास्थ्य की रक्षा, उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल और टिकाऊ कृषि पद्धतियों की जानकारी दी जा रही है. कृषि विज्ञान केंद्र की वरीय सह प्रधान वैज्ञानिक डॉ सीमा सिंह ने कहा कि बेहतर उत्पादन के लिए मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखना जरूरी है. किसानों को मिट्टी की जांच के आधार पर उर्वरकों का इस्तेमाल करने तथा रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करने के लिए जैविक और हरी खाद अपनाने की सलाह दी गई जा रही है. (नीचे भी पढ़ें)
उद्यान विशेषज्ञ ने फसलों में कीट एवं रोगों की पहचान के बाद ही अनुशंसित कीटनाशकों का निर्धारित मात्रा में प्रयोग करने पर जोर दिया. विशेषज्ञों ने जैव उर्वरकों और एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन को खेती में शामिल करने की अपील की. साथ ही फसल अवशेषों को खेतों में जलाने के बजाय उनका उचित प्रबंधन करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण और कृषि संसाधनों के बेहतर उपयोग से खेती को लंबे समय तक लाभकारी बनाया जा सकता है. मालूम हो कि खेत बचाओ अभियान 22 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक चलेगा.





