जमशेदपुर : टाटा स्टील प्रबंधन ने अपने कर्मचारियों के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए कंपनी में नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) लागू कर दिया है. इस योजना के तहत कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद नियमित आय और टैक्स बचत जैसे कई बड़े लाभ मिलेंगे. इसकी लांचिंग मंगलवार को टाटा स्टील की चीफ पीपुल ऑफिसर अतरई सान्याल और टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु ने संयुक्त रुप से की. ऑनलाइन आयोजित कार्यक्रम के दौरान इसकी सारी जानकारी के बारे में बताया गया. इसका लाभ टाटा स्टील की कंपनी टिनप्लेट, टिस्को ग्रोथ शॉप गम्हरिया, टाटा स्टील गम्हरिया समेत तमाम कंपनियों में लागू होगा. करीब 30 हजार से अधिक कर्मचारी इसका लाभ उठा सकेंगे. कंपनी के इस कदम से कर्मचारियों में उत्साह है, क्योंकि वे अब नौकरी के दौरान ही एक बड़ा रिटायरमेंट फंड तैयार कर सकेंगे. एनपीएस भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक स्वैच्छिक और पेंशन फंड नियामक (पीएफआरडीए) द्वारा नियंत्रित सुरक्षित निवेश योजना है. (नीचे भी पढ़ें)
टाटा स्टील में लागू कारपोरेट एनपीएस के तहत कर्मचारी अपनी सैलरी के विभिन्न भत्तों (जैसे एनपीएस कैश, यूटिलिटी अलाउंस या पर्सनल अलाउंस) को इसमें डाइवर्ट कर सकते हैं. टाटा स्टील की ओर से कर्मचारी के वार्षिक बेसिक वेतन और डीए का 10 प्रतिशत हिस्सा एनपीएस में योगदान के रूप में दिया जाएगा. जो कर्मचारी इस योजना से जुड़ना चाहते हैं, वे हर महीने की 5 तारीख से 20 तारीख के बीच कंपनी के ‘फ्लोरी पोर्टल’ के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. पोर्टल के पेमेंट सेक्शन में जाकर एनपीएस एप्लीकेशन फॉर्म भरना होगा, जहां अपना परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (प्रैन) दर्ज कर और जरूरी दस्तावेज अपलोड करके इसे कंपनी के कारपोरेट सिस्टम से लिंक करना होगा. एनपीएस में निवेश करने पर कर्मचारियों को आयकर अधिनियम के तहत टैक्स छूट का भी पूरा फायदा मिलेगा. इसके अलावा, रिटायरमेंट के समय मिलने वाले कुल कॉर्पस का 60 प्रतिशत हिस्सा कर-मुक्त एकमुश्त निकाला जा सकता है, जबकि शेष राशि से पेंशन (एन्युटी) योजना खरीदी जा सकती है ताकि जीवनभर नियमित आय मिलती रहे. प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि आवेदन की तारीख से पहले की अवधि के लिए कोई पिछला (रेट्रोस्पेक्टिव) लाभ नहीं मिलेगा, इसलिए समय पर पोर्टल के जरिए प्रक्रिया पूरी करनी होगी.












