
जमशेदपुर : बीमा कर्मचारी यूनियन के कार्यालय में बैंक, बीमा, डाक, स्टील, सेल्स प्रमोशन, रेलवे एवं अराजपत्रित कर्मचारी सम्बंधित फेडरेशन के नेताओं की एक बैठक अरुण पाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई. उक्त बैठक में केंद्र सरकार की मज़दूर विरोधी नीतियों के खिलाफ तथा लंबित मांगों को लेकर केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और स्वतंत्र फेडरेशनों के द्वारा आहूत 26 नवंबर की राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल की सफलता सुनिश्चित करने के लिए चर्चा की गई . बैठक में श्रमिकों वर्गों की व्यापक भागीदारी के साथ सभी कर्मचारी फेडरेशनों के समन्वित एकजुट गतिविधियों को सुनिश्चित करने के माध्यम से इस हड़ताल की अभूतपूर्व सफलता के लिए, सदस्यों और आम मेहनतकशों के बीच हड़ताल के बारे में चल रहे प्रचार के बारे में समीक्षा की गई और भविष्य के कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया गया. इसके तहत आंदोलन करने की चेतावनी दी गयी है. इसके तहत 23 नवंबर को शाम 5 बजे से साकची चौक पर एक स्ट्रीट कॉर्नर मीटिंग और पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा. इसके अलावा 24 नवंबर को पत्रकार सम्मेलन, 25 नवंबर को बिष्टुपुर में बैंक ऑफ बड़ौदा टेंपो स्टैंड से शाम 5 बजे एक पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा. 26 नवंबर को धरना, रैली आदि के रूप में बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए, कॉरपोरेट्स और सरकार को यह संदेश भेजने की व्यवस्था की जाएगी कि बलिदान के ज़रिए हासिल अधिकारों को समर्पण करने के लिए देश का मजदूर वर्ग कतई तैयार नहीं हैं और वे कभी भी गुलामी प्रथा को वापस लौटने का प्रयास को स्वीकार नहीं करेंगे. (नीचे पढ़े क्या है मांगें)
हड़ताल की प्रमुख मांगे:
* मजदूर विरोधी सभी चार श्रम कोड वापस लें , फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट की अवधारणा को रद्द करें
* किसान विरोधी तीनों नया कानून वापस लें
* मनरेगा के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 200 दिनों प्रति वर्ष का काम और शहरी क्षेत्रों के लिये रोजगार गारंटी योजनाओं को लागू करें
* वित्तीय तथा अन्य प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण एवं रेलवे, आयुध कारखानों, बंदरगाहों, एयरपोर्ट आदि उपक्रमों के निगमीकरण तथा कमर्शियल माइनिंग का निर्णयों को रोकें
* सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग बंद करें और स्कीम और संविदा कर्मियों को सरकारी कर्मचारियों का दर्जा दें।
* कोविड प्रभावित, सभी छंटनी ग्रस्त कामगारों का रोजगार बहाल एवं गैर आयकरदाता परिवारों के लिए 7500 रुपये प्रति माह का नकद हस्तांतरण तथा सभी जरूरतमंदों को प्रति माह 10 किलो मुफ्त राशन सुनिश्चित किया जाए
* असंगठित मजदूरों से संबंधित कल्याण बोर्डों के कवरेज का विस्तार और गतिविधियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करें
* ठेका कर्मी एवं प्रवासी श्रमिकों के लिए पर्याप्त कानूनी और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करें
* समान काम के लिए समान वेतन ; न्यूनतम मजदूरी माह प्रति रुपये 21000 एवं सभी सेवानिवृत्त श्रमिकों को पेंशन सुनिश्चित करें
* अनिवार्य सेवानिवृत्ति की प्रक्रिया पर रोक, एनपीएस वापस लेना , पुरानी पेंशन योजना की पुनर्बहाल और ई पी एस – 95 में सुधार सुनिश्चित करें




