
जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन में राजनीतिक सरगर्मी तेज है. चुनावी बिसात के बीच शुक्रवार को फाइनांस कमेटी की बैठक में फाइनांस के खर्चें को लेकर सवाल उठाने को लेकर माहौल ठंडाने का नाम नहीं ले रहा है. पहले तो डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय ने फाइनांस कमेटी की बैठक की बातों के लीक होने और फिर डिप्टी प्रेसिडेंट पर सवाल उठाने को महामंत्री सतीश सिंह की साजिश करार दी थी तो डिप्टी प्रेसिडेंट के बयान का भी जबरदस्त रिएक्शन आया है.

महामंत्री सतीश सिंह के बचाव में कमेटी मेंबर और फाइनांस कमेटी के सदस्य तारकेश्वर लाल सामने आये है. श्री लाल ने कहा कि फाइनांस कमेटी की बैठक में एक साथ 13 माह का एकाउंट लाया गया था. अब वहां इतना बड़ा एकाउंट लाकर पारित कराया जा रहा था. अगर उस पर सवाल उठा दिया तो फिर इसमें इतना दर्द क्यों होने लगा डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय को कि महामंत्री सतीश सिंह के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी कर दिये. उन्होंने कहा कि कमेटी मेंबर क्या सिर्फ साइन करने के लिए बैठा है कि मजदूरों की गाढ़ी कमायी का पैसा खर्च हो रहा है और वहां हिसाब भी नहीं मांगे. इसको लेकर राजनीतिक बयानबाजी गलत है और डिप्टी प्रेसिडेंट को इसको सकारात्मक तरीके से लेना चाहिए न कि इसमें राजनीति घुसाना चाहिए. उन्होंने कहा कि फाइनांस कमेटी की बैठक क्या सिर्फ साइन करने के लिए होता है कि कमेटी मेंबर जाकर चाय नाश्ता करें और साइन करके आ जाये. गलत होता दिखेगा तो सवाल पूछा ही जायेगा. इसको राजनीति से क्यों जोड़ा जा रहा है. महामंत्री सतीश सिंह ने तो मीटिंग में ही सही तरीके से जवाब देकर मामले को शांत कर दिया था, लेकिन इसमें ना जाने क्यों अरविंद पांडेय को राजनीति दिखी, यह समझ से परे है.





