
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला उपायुक्त अरवा राजकमल के अध्यक्षता तथा उप विकास आयुक्त संदीप बख्शी के उपस्थिति में चक्रधरपुर प्रखंड सभागार में जिला स्तर से गठित 40 जांच दल के द्वारा गोइलकेरा प्रखंड में संचालित विकास योजनाओं के निरीक्षण के उपरांत प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर समीक्षा बैठक आयोजित किया गया। उक्त बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अभिजीत सिन्हा, प्रशिक्षु भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी जावेद हुसैन, जिला भू अर्जन पदाधिकारी एजाज़ अनवर, जिला योजना पदाधिकारी श्री राजीव सिन्हा, जिला आपूर्ति पदाधिकारी जयदीप तिग्गा, जिला परिवहन पदाधिकारी अजय कुमार तिर्की, सहित जांच दल में शामिल जिलास्तरीय पदाधिकारी, गोइलकेरा प्रखंड विकास पदाधिकारी सुधीर प्रकाश, कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता उपस्थित रहे। विदित रहे कि जिला उपायुक्त के द्वारा योजनाबद्ध तरीके से जिले के प्रखंडों में संचालित योजनाओं के सतत निगरानी तथा भौतिक निरीक्षण हेतु जिला स्तरीय जांच टीम का गठन कर उन्हें चिन्हित प्रखंडों के विभिन्न पंचायतों में भेजा जा रहा है ताकि संचालित योजनाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता ना हो और सभी जन कल्याणकारी योजनाएं ससमय पूरा हो। बैठक के उपरांत उपायुक्त द्वारा जानकारी दी गई कि पूर्व में सोनुवा प्रखंड मे जितने भी संचालित योजना हैं चाहे वो जिला मद मे डीएमएफटी, आकांक्षी जिला मद, स्पेशल सेंट्रल असिस्टेंट, या जिला स्तर पर किसी और मद से निर्मित योजना या मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित सभी योजना का निरीक्षण बृहद रूप से प्रत्येक पंचायत में टीम बनाकर जांच किया गया था। सोनुआ प्रखंड में जहां पर गड़बड़ी मिली थी वहां पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी साथ ही साथ जहां काम में कमी पाई गई थी वहां सुधार हेतु समय भी दिया गया था। (आगे की खबर नीचे पढ़ें)
उपायुक्त ने बताया कि आज दो चरणों में समीक्षा की गई है, प्रथम चरण में जिला स्तरीय योजना पेयजल, शौचालय आदि की समीक्षा किया गया है तथा उप विकास आयुक्त के द्वारा मनरेगा के तहत जितने भी योजनाएं हैं और जेएसएलपीएस के दीदियों के द्वारा जितने भी कार्य किए जा रहे हैं, उसकी समीक्षा किए किया जा रहा है। प्रथम दृष्टि में जिला स्तरीय योजनाओं में प्रगति अच्छी देखी जा रही है,जलापूर्ति योजना पर भी प्रतिक्रिया जांच दल के द्वारा अच्छा दिया गया है। जहां पर शौचालय निर्माण में कमियां पाई गई हैं वहां पर शीघ्र निर्माण हेतु निर्देश दिया गया है। बागवानी योजना मे भी प्रगति अच्छी देखी गई है। आवास निर्माण में प्रगति अच्छी देखी गई है उसमें काफी जगहों पर आवास का छत तक निर्माण देखा गया है। उपायुक्त के द्वारा जानकारी दी गई कि पेयजल योजना के तहत जिला के द्वारा डीएमएफटी फंड से 25 जल मीनार निर्माण हेतु राशि मुहैया कराई गई थी जिस पर पतली सड़क होने के कारण बोरिंग करने वाले वाहन पहुंच नहीं पा रहे हैं। उन सभी को छोड़कर बाकी योजनाओं में कार्य चालू है या खत्म हो चुका है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में जिला प्रशासन के द्वारा तीन प्रखंड नोआमुंडी, जगन्नाथपुर, मझगांव में आने वाले 2 से 3 हफ्तों में जिला प्रशासन के द्वारा जांच किया जाएगा। जिसका मुख्य उद्देश्य है कि जहां काम में गड़बड़ी है काम में कमी है या जिसके द्वारा कार्य किया जा रहा है, संबंधित कांट्रेक्टर, मुखिया, जनप्रतिनिधि या अन्य सदस्य उन्हें कार्य में सुधार हेतु एक अवसर दिया जाये या जिला प्रशासन के द्वारा किसी प्रकार की मदद से पूरा हो सकता है तो वह भी मुहैया कराया जाएगा।





