Jamshedpur : झारखंड सिख प्रतिनिधि बोर्ड के अध्यक्ष गुरचरण सिंह बिल्ला पर जानलेवा हमला को लेकर सभा की बैठक हुई और इसमें सीधे तौर पर सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान एवं कई हत्याकांड के आरोपी रहे गुरमुख सिंह मुखे पर आरोप लगाया गया कि उनके इशारे पर ही हमला हुआ है। जमशेदपुर पुलिस गुरमुख सिंह का आपराधिक इतिहास एवं गैर कानूनी ढंग हो रही उसकी कमाई की गहन जांच पड़ताल करें तो गुरमुख सिंह के साथ ही समाज के कई सफेदपोश के काले चेहरे भी उजागर हो जाएंगे।
गुरचरण सिंह बिल्ला पर बेअंत सिंह का हत्या का आरोप जरूर लगा था परंतु पुलिस ने उसे अवमुक्त कर दिया था। उसे आर्म्स एक्ट में ही सजा हुई थी। जमशेदपुर में उसके खिलाफ कोई भी आपराधिक कृत्य का आरोप दर्ज नहीं है और टीनप्लेट गुरुद्वारा में अध्यक्ष पद को लेकर ही उसका अपने सहयोगी तरसेम सिंह सेमै एवं अमरजीत सिंह अंबे से विवाद हुआ था। गुरुचरण सिंह बिल्ला जमशेदपुर में कोई आपराधिक गिरोह का संचालन नहीं कर रहा है परंतु पुलिस एवं सीआईडी रिपोर्ट में गुरमुख सिंह पर आपराधिक गिरोह के संचालन का आरोप लगता रहा है। 2007 में उसने उलीडीह मैं तत्कालीन थाना प्रभारी श्री एनएन पांडे को फसाने के लिए अपने केस खुद काट लिए थे और यह सच तत्कालीन एसपी श्री आशीष बत्रा की जांच में सामने आया था। बर्मामाइंस के कुलविंदर सिंह दुर्गा हत्याकांड एवं गोलमुरी के जगतार सिंह लाटू हत्याकांड में साजिशकर्ता एवं हत्यारोपी के तौर पर पुलिस जांच में इसका नाम आया था। क्योंकि शहर में इसका संबंध मानगो के परमजीत सिंह गिरोह से रहा है और गवाहों के मुकरने के कारण यह बरी हो गया। इसके साथ ही इसने कई मारपीट की घटनाओं को अंजाम दिया है परंतु थाना में सुलह हो जाने के कारण इसके खिलाफ प्राथमिकी नहीं लिखी जाती रही। यह अपने अपराधी गिरोह के कारण ही गुरुद्वारा कमेटियों के प्रधान को डराता है और वे उससे डर कर साथ देते हैं। इसका दूसाहस इतना है कि इसने झारखंड के एक राजनीतिज्ञ के पत्रकार दामाद के घर पर हमला करवाया और एक पत्रकार के साथ मारपीट भी की। शहर में कई बार सार्वजनिक रूप से पुलिस अधिकारियों के साथ उलझता दिखा है परंतु पुलिस कार्रवाई नहीं होने के कारण सिख समाज में इसने अपना भय बना रखा है। जहां तक तीनप्लेट गुरुद्वारा का हिसाब किताब को लेकर घटना की शुरुआत बताई जा रही है। यह पूरी तरह से सच भी नहीं है।शहर के कई गुरुद्वारा कमेटियों के प्रधान हिसाब किताब नहीं देते हैं परंतु उनमें गोलियां नहीं चलती हैं। क्योंकि हाल में रामदास भट्टा के दो आपराधिक प्रकरण में जमशेदपुर एसएसपी, सिटी एसपी , डीएसपी एवं बिष्टुपुर थाना प्रभारी को जो शिकायत हुई थी उसका नेतृत्व गुरचरण सिंह बिल्ला ने किया था। गुरमुख सिंह मुखे गुरुचरण सिंह बिल्ला को अपने लिए चुनौती मान रहे हैं इसीलिए वे उसे अपने रास्ते से हटाना चाहते हैं।हाल के दिनों में गुरमुख सिंह के कई गलत निर्णयों के खिलाफ झारखंड सिख प्रतिनिधि बोर्ड डटकर खड़ा हुआ है जिससे गुरमुख सिंह को नीचा देखना पड़ा है।
ऐसे में स्वाभाविक है कि गुरमुख सिंह बलबीर सिंह बल्ली एवं अमरजीत सिंह अंबे ने अपने रास्ता का कांटा गुरुचरण सिंह बिल्ला को समझ रखा है। आखिरकार गुरचरण सिंह बिल्ला पर जानलेवा हमले से किसको फायदा होने वाला है।
झारखंड सिख प्रतिनिधि बोर्ड जमशेदपुर पुलिस से बिना दबाव के निष्पक्ष कार्रवाई करें और साजिशकर्ता को गिरफ्तार करें जिससे समाज में संदेश जाए कि पुलिस किसी के दबाव में नहीं है. अपराधियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर सीबीआई जांच की मांग पूरा करने के लिए भूख हड़ताल करेंगे। कार्यकारी अध्यक्ष शमशेर सिंह सिद्धू की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सुरजीत सिंह खुशीपुर ज्योतिंद्र सिंह बब्बू अमरजीत सिंह भामरा जोगिंदर सिंह जोगी मनजीत सिंह त्रिलोचन सिंह दमनप्रीत सिंह जसवीर सिंह मत्तेवाल ऋषि सिंह रणवीर सिंह शिंदे सिंह सरताज सिंह परमजीत सिंह सनी सिंह सतपाल सिंह बलविंदर सिंह जयमल सिंह सतनाम सिंह सिद्धू मनजीत सिंह कुलदीप सिंह कमलजीत सिंह सरबजीत सिंह बलजीत सिंह आदि ने अपने विचार रखे



