
चांडिल : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के कुकड़ू प्रखंड अंतर्गत परगामा गांव के डाढ़ी कुली और तांती कुली के दर्जनों से ज्यादा लोग पिछले कुछ दिनों से डायरिया से पीड़ित हैं. झारखंड-मानभूम लोक-कला संघ के सक्रिय सदस्य कवि सह समाजसेवी गुरुचरण महतो ने जानकारी देते हुए बताया कि शुरूआत में एक दो लोग ही डायरिया से पीड़ित हुए थे. उसके बाद शनिवार से अचानक से बच्चों और बुढ़ों में डायरिया फैल गया. श्री महतो ने बताया कि उम्र 13 से लेकर 75 वर्ष तक बीमार हुए डायरिया के दो दर्जन से अधिक मरीज लगातार मल निष्कासित कर रहे हैं, जिससे निर्जलीकरण का डर बना हुआ है. साथ ही वे मतली, उल्टी और बुखार से भी पीड़ित हैं. आनन-फानन में ग्रामीण डॉक्टरों के साथ रघुनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मेडिकल टीम की संयुक्त प्रयास द्वारा प्राथमिक उपचार कराया गया और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया.

गुरुचरण महतो ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि गांव के इन बस्तियों में हैंडपंप नहीं है. अगर है भी तो वह भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ गया है. कम गहराई तक खुदा हुआ होने के कारण किसी भी चापाकल से पानी नहीं निकलता है. ऐसे में गांव के लोग गांव से 1 किलोमीटर दूर स्थित एक प्राकृतिक चुंआं (बुगबुगी डाढ़ी) का पानी पीने पर विवश हैं. इस डाड़ी के अगल-बगल के खेतों में लोग शौच करते हैं और गांव के मवेशियों का जमावड़ा भी लगता है. हो ना हो इसी डाढ़ी का दूषित पानी पीने से लोगों में इस तरह का संक्रमण फैल गया है. तत्पश्चात् ग्रामीणों ने आपसी समझदारी व सहयोग की भावना दिखाते हुए डायरिया कमेटी कैंप का गठन किया, जिसके सदस्य हैं ग्राम प्रधान डॉ बासुदेव महतो, डॉ महेश्वर महतो, भुवनेश्वर कर्मकार, अश्वत्थामा कर्मकार, रुहिदास कालिंदी, महावीर, किना, छुटू, मंगल, काशीनाथ डाबला, बिजी, बलराम, कृष्ण, भोलाराम इत्यादि शामिल है.

डायरिया से पीड़ित लोगों के नाम:
कमलाकांत तंतुबाई, अजय कर्मकार, रविंद्र सिंह सरदार, टिपी महतो, जुरु प्रमाणिक, गुरुपद माझी, चैती माझी, केसरी माझी, बुधनी माझी, मंगल माझी, रूपसी माझी, बनु माझी, यशोदा माझी, भारती माझी, श्याम मार्डी, हुदुड़ माझी, सुदन माझी, सरस्वती मांझी, सोमवारी माझी, अरुणी, शिवानी आदि शामिल है. अभी एक दो और नए मरीज मिले हैं और धीरे-धीरे पुराने मरीजों की हालत में सुधार हो रहा है और स्थिति नियंत्रण में है. इसी बीच विधानसभा चुनाव के मद्देनजर विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों का इस गांव में आना-जाना भी बना हुआ है.



