
आदित्यपुर: एक तरफ पूरे देश में स्वच्छ भारत अभियान को लेकर शहरी और ग्रामीण निकायों के अलावा सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों के बीच अव्वल आने की होड़ मची है, लेकिन झारखंड के सरायकेला- खरसावां जिले के आदित्यपुर नगर निगम के लिए यह अभियान महज एक कागजी दिखावा है. यह अभियान पिछले 4 सालों से पोस्टरों, बैनरों और कागजों तक ही सिमट कर रह गई है. दावे बड़े-बड़े किए जाते हैं, लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात. कभी- कभार दिखावे के लिए माननीय और अधिकारी सड़क पर नजर आते हैं और बड़े- बड़े दावे कर फिर एयर कंडीशनर दफ्तर में बैठकर अपने काम में लग जाते हैं. वर्तमान समय में पूरा निगम क्षेत्र धूल और प्रदूषण से इस कदर प्रभावित हो रहा है कि शाम को ही वातावरण धूल- धूल नजर आने लगता है. निगम क्षेत्र में सांस के रोगियों की संख्या बढ़ रही है.
भले निगम क्षेत्र कल विकसित हो जाए, लेकिन इन रोगियों की जिम्मेवारी कौन लेगा. चलिए अब जरा आप यहां का नजारा देख लीजिए. ये है आदित्यपुर नगर निगम के वार्ड संख्या 20 का नजारा यहां के स्थानीय पार्षद हैं वीरेंद्र गुप्ता एक नहीं दो नहीं तीन तीन बार यहां से चुनाव जीत कर निगम में पहुंचे हैं लेकिन यहां स्थित राजकीयकृत कन्या मध्य विद्यालय के समीप का नजारा आप देखकर बस यही कह सकते हैं, कि हाय रे नगर निगम… जहां इस विद्यालय में प्रवेश करते ही सबसे पहले आपका स्वागत करेंगे गंदे कीचड़ युक्त सूअर और बदबूदार पानी. यहां पढ़ती है, छोटी-छोटी मासूम बच्चियां और उन्हें सफाई का ज्ञान देती है, यहां की शिक्षिकाएं नाक पर रूमाल रख बच्चे और शिक्षिकाएं विद्यालय आती है, और स्कूल समाप्त होने तक नाक से रुमाल नहीं हटता.
स्कूल में पानी और शौचालय का भी बुरा हाल है. ऐसे में आप आप समझ सकते हैं, कि नगर निगम की क्या भूमिका है. इसी नगर निगम क्षेत्र ने कई वार्ड ऐसे हैं जिसे स्वीटजरलैंड का दर्जा प्राप्त हो चुका है. मेयर और भाजपा नेता सभी 35 वार्डों के विकास का दावा करते हैं. तो जरा माननीय कभी यहां आकर भी देखें, और अपने दावों पर मुहर लगाएं. यहां की शिक्षिकाओं का दावा है, कि उन्होंने कई बार इसकी शिकायत वार्ड पार्षद और नगर निगम से की है, लेकिन नतीजा आश्वासनों तक ही सिमट कर रह गया है. स्थानीय जनप्रतिनिधि रमेश बलमुचू ने बताया, कि स्कूल के पास फैली गंदगी को लेकर जिले के उपायुक्त, नगर आयुक्त और राज्य के मुख्यमंत्री से भी मुलाकात करेंगे और यहां की समस्याओं से अवगत कराएंगे.











