
जमशेदपुर : अप्रैल 2016 से बंद पड़ी आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की टोरस फ्लैक्सिबल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मामला अब जमशेदपुर श्रम न्यायालय में संयुक्त श्रम आयुक्त रांची ने भेज दिया है. विदित हो कि इस कंपनी के मालिक अप्रैल 2016 में कंपनी को छोड़कर विदेश भाग गए थे और बैंक के साथ भी बड़ी वित्तीय गड़बड़ी किए हुए थे. यूनियन ने मजदूरों के मामले को उपश्रमआयुक्त, सरायकेला के तत्कालीन उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक एवं एनआईटी थाने में इसकी जानकारी दी थी तथा एनआईटी थाना ने मालिक के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज किया था. मजदूरों के पीएफ का पैसा भी 2 वर्षों से जमा नहीं हुआ था इसकी जानकारी तत्कालीन रीजनल पीएफ कमिश्नर को दी गई थी एसबीआई कमर्शियल ब्रांच बिस्टुपुर को भी अवगत किया गया था. एसबीआई रीजनल शाखा पटना ने कंपनी को बेचकर मजदूरों के पीएफ पैसा जमा करवाया. आज मजदूरों का पैसा जमशेदपुर पीएफ ऑफिस में आ गया है. वहीं मजदूरों का बकाया वेतन बोनस और ग्रेच्युटी के लिए तत्कालीन श्रम आयुक्त ने श्रम सचिव को भेजा था जिससे संयुक्त श्रम आयुक्त रांची के माध्यम से जमशेदपुर श्रम न्यायालय को भेज दिया गया है. सारी बातों की जानकारी टोरस फ्लैक्सिबल एंप्लाइज यूनियन के महासचिव ओंकारनाथ पांडे शैलेश पांडे ने इमली चौक के सामने स्थित फुटबॉल मैदान में टोरस फ्लैक्सिबल कंपनी के मजदूरों को जानकारी दी. कंपनी के 50 से भी ज्यादा मजदूर उपस्थित थे.





