बारामती: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार का अंतिम संस्कार बारामती में राजकीय सम्मान के साथ किया गया. अजीत पवार के बेटे पार्थ और जय ने अपने पिता को मुखाग्नि दी. एनसीपी प्रमुख अजीत पवार के अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले एनसीपी समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के पार्थिव शरीर को उनकी ‘अंतिम यात्रा’ के लिए एक सजी हुई गाड़ी में ले जाया गया. गाड़ी को फूलों से सजाया गया, जिसमें पवार की तस्वीर लगी थी. इसमें एक बोर्ड पर लिखा था “स्वर्गीय अजितदादा पवार अमर रहें”.महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक (लगातार नहीं) डिप्टी सीएम रहे नेता की अंतिम यात्रा सुबह करीब 9 बजे विद्या प्रतिष्ठान कैंपस (गडीमा) से शुरू हुई. पवार को श्रद्धांजलि देने के लिए यात्रा शहर से गुजरी. यह अंतिम यात्रा विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड पर खत्म हुई, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया.(नीचे भी पढ़े)

अजित पवार के समर्थक ‘अजित दादा अमर रहें’ के नारे लगाते दिखे. अंतिम यात्रा में उनके बेटे जय पवार, भतीजे रोहित पवार और पवार परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे. केंद्रीय मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन अंतिम संस्कार में शामिल हुए.महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए उनके पैतृक गांव काटेवाडी स्थित आवास पर गुरुवार सुबह सैकड़ों शोक संतप्त लोग उमड़ पड़े. पुणे जिले के काटेवाडी और आसपास के गांवों के शोक संतप्त लोग, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर उनके आवास के बाहर उमड़ पड़े और ‘अजित दादा अमर रहे’, ‘अजित दादा परत या’ (अजित दादा कृपया वापस आ जाएं) जैसे नारे लगाने लगे. कई शोक संतप्त लोगों ने क्षेत्र के विकास में उनकी भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उनके जैसा नेता दोबारा नहीं जन्म लेगा.(नीचे भी पढे)
महाराष्ट्र सरकार ने पूरे राज्य में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है. 28 जनवरी से शुरू हुआ राजकीय शोक 30 जनवरी तक जारी रहेगा. इस दौरान उन सभी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा, जहां इसे नियमित रूप से फहराया जाता है. शोक की अवधि के दौरान कोई आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम पूरे राज्य में नहीं होगा.



