जमशेदपुर : केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच और स्वतंत्र क्षेत्रीय महासंघों ने ईरान एवं विश्व के अन्य हिस्सों में जारी सैन्य आक्रमण के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. झारखंड इंटक के प्रदेश अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय ने शनिवार को साझा बयान जारी कर कहा कि आगामी 10 मार्च को पूरे देश में साम्राज्यवाद विरोधी युद्ध दिवस मनाया जायेगा. उन्होंने लोगों से विश्व शांति के लिए सड़कों पर उतरने की अपील की है. ट्रेड यूनियन की मांग है कि ईरान और दुनिया के अन्य हिस्सों में युद्ध पर तुरंत रोक लगे. भारत सरकार खाड़ी (जीसीसी ) देशों में फंसे भारतीयों और अनौपचारिक श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे.
श्रमिकों द्वारा घर भेजे जाने वाले धन की सुरक्षा के विशेष उपाय हों. (नीचे भी पढ़े)
राकेश्वर पांडेय ने कहा कि इस अभियान में इंटक , एटक , एचएमएस, सीआईटीयू और सेवा जैसे संगठन प्रमुख रूप से शामिल हैं. इंटक के प्रदेश अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय ने अमेरिका इजरायल की सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन बताया. उन्होंने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की हत्या और दक्षिण ईरान के मीनाब में एक कन्या विद्यालय पर बमबारी, जिसमें 165 बच्चों की जान गयी बर्बरता की पराकाष्ठा है. इस युद्ध ने मध्य पूर्व को अस्थिर कर दिया है. जिससे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा खतरे में है. उन्होंने कहा कि भारत के 55 फीसदी कच्चे तेल का आयात खाड़ी देशों से होता है. साथ ही इन देशों में 90 लाख से अधिक भारतीय कार्यरत हैं. जिनकी सुरक्षा दांव पर है. बासमती चावल, मांस और चीनी के निर्यात पर संकट से भारतीय किसानों और एमएसएमई की आजीविका प्रभावित होगी.







