
जमशेदपुर : कोविड 19 के चलते भारतीय व्यापार को बेहद नुकसान उठाना पड़ा है, नुकसान की भरपाई तो दूर अभी खुद का घर चलाना भी अब इनके लिए एक चुनौती बन गया है, ऐसे में कैट ने मंद पड़े भारतीय व्यापार में दोबारा जान फूंकने की बीड़ा उठाया है. कैट के राष्ट्रीय सचिव सुरेश सोन्थलिया ने मास्टर कार्ड और हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटिड जैसे कॉरपोरेट्स द्वारा भारतीय व्यापारियो को आर्थिक मदद देने की घोषणा की सराहना करते हुए तथा उनका उदाहरण देते हुए भारत के बड़े बिज़नेस घरानों से अनुरोध किया है कि वे भी आगे आये और नुकसान झेल रहे बाजारों और व्यपारियो की सहायता करें. इसी सिलसिले में कैट ने बड़े कॉरपोरेट्स जैसे टाटा ग्रुप, कुमार मंगलम, अज़ीम प्रेमजी, नारायण मूर्ति, मुकेश अम्बानी, एवं कोका कोला, एमवे और नौरत्न कंपनियों को पत्र लिख इस मुहिम का हिस्सा बनने और स्थानीय व्यापारियों यवम उद्यमियों को सहयोग का अनुरोध किया है. श्री सोन्थलिया ने झारखण्ड के सभी बड़े कारपेरेट कंपनियो से अनुरोध किया है कि कोरोना काल में स्थानीय व्यापारी एवं उद्यमियों को ज्यादा से ज्यादा सहयोग करे जिससे लोगों को जयदा काम मिल सके. हाल ही में ग्लोबल डिजिटल पेमेंट और टेक्नोलॉजी फर्म, मास्टरकार्ड ने कैट के साथ मिल कर 250 करोड़ की आर्थिक मदद का प्रतिबंद्ध किया जिससे भारतीय बाजारों को रिबूट एवेम उनका डिजिटाइजेशन किया जा सके. आने वाले समय मे ये सहयोग कोरोना जैसी विपत्ति से जूझ रहे भारतीय व्यापार को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा. इसी कड़ी में हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटिड और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने साथ मिलकर छोटे रिटेलर्स के मौजूदा हालात को सुधारने और उनको डिजिटल पेमेंट एवं बेहतर आर्थिक हल मुहैया कराने की घोषणा की है जिसके अंतर्गत स्टेट बैंक भारतीये रिटेलर्स को 50 हज़ार की इंस्टेंट राशि बिना किसी कागज़ी करवाई के उपलब्ध कराएगी. ये दोनों ही सहयोग गिरते भारतीय बाजार के लिए बेहद लाभकारी साबित होंगे। कैट ने अपने पत्र के जरिये भारत के तमाम बड़े कॉरपोरेट्स को इस कोशिश का हिस्सा बनने का अनुरोध किया है क्योंकि कोविड़ 19 के चलते भारत के छोटे व्यपारियो का अस्तिव खतरे में है और इनको जल्द पटरी पर लाने की जरूरत है. कैट भारत के तमाम छोटे बड़े व्यपारियो के दुख सुख से सदैव जुड़ी रही है और उनके उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत है.




