रामगोपाल जेना/चाईबासा : सिंहभूम बस ओनर्स एसोसिएशन की ओर से पश्चिमी सिंहभूम जिला भाजपा अध्यक्ष पर हजार लीटर डीजल एवं 50 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाये जाने से जिले का सियासी तापमान बढ़ गया है. उधर जिला भाजपा अध्यक्ष सतीश पुरी ने बस ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गठबंधन दल का होने की बात करते हुए उन पर साजिश रचने का आरोप लगाया है. (नीचे भी पढ़ें)
चाईबासा में सिंहभूम बस ओनर्स एसोसिएशन की आयोजित एक बैठक में बस ओनर्स एसोसिएशन ने जिला भाजपा अध्यक्ष पर 1000 लीटर डीजल एवं 50,000 रुपये मांगने का आरोप लगाया. एसोसिएशन ने कहा कि जिलाध्यक्ष की मांगें पूरी नहीं होने पर उन्होंने चाईबासा में चलनेवाली बसों के बारे में जिला परिवहन कार्यालय से आरटीआइ के तहत पूरा ब्योरा मांगा है. बैठक के बाद बस ओनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मीडिया के समक्ष अपनी बात रखते हुए कहा कि बीते दिनों जिला भाजपा अध्यक्ष ने उनसे 1000 लीटर डीजल और 50000 रुपयों की मांग की थी. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि मांग नहीं माने जाने के बाद उन्होंने जिला परिवहन कार्यालय से आरटीआइ के तहत जिले में चलनेवाली बसों का पूरा ब्योरा मांगा है, जिसमें बसों की वास्तविक स्थिति, उनके इंश्योरेंस, फिटनेस आदि की स्थिति से अवगत कराने की मांग की है. किन्तु बस ओनर्स एसोसिएशन का कहना है कि लेटरपैड में यह जानकारी मांगा जाना नियम-विरुद्ध है और जो जानकारी उन्होंने परिवहन विभाग से मांगी है परिवहन विभाग से इसकी जानकारी बस ओनर्स एसोसिएशन को भी अवगत कराने को कहा है. उन्होंने इस पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि जिला भाजपा अध्यक्ष का यह कार्य सही नहीं है. बस ओनर्स एसोसिएशन ने कहा है कि अगर जिला भाजपाध्यक्ष अपना पत्र वापस नहीं लेते तो बस ओनर्स एसोसिएशन बेमियादी हड़ताल पर चला जायेगा.(नीचे भी पढ़ें)
आरोप बेबुनियाद : जिला भाजपाध्यक्ष

वहीं दूसरी ओर जिला भाजपा अध्यक्ष सतीश पूरी से ने कहा कि उन पर लगाये जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं. सचिवालय घेराव में जाने के लिए उन्होंने जितनी बसें बुक कराई थीं, वे उन सभी का भुगतान कर चुके हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि बस ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल महा गठबंधन दलों के कार्यकर्ता हैं जो उनके खिलाफ बड़ी साजिश रच रहे हैं. श्री पुरी ने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई के कारण वे तिलमिला गये हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने तो परिवहन विभाग से कागजात मांगे हैं, इसीलिए बस ओनर्स द्वारा उन पर लगाये जा रहे आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और झूठे हैं.



