
Chakuliya : चाकुलिया नगर पंचायत क्षेत्र के नामोपाड़ा स्थित रास मंच परिसर में 18 वीं शताब्दी से रास उत्सव का आयोजन होता आ रहा है. यह जानकारी कमेटी के वरिष्ठ सदस्य लक्ष्मी नारायण दास ने दी है. उन्होंने बताया कि 18 वीं शताब्दी के आसपास धालभूम के राजा जगन्नाथ धवल देव नरसिंहगढ़ में रास उत्सव किया करते थे. इसी बीच एक वर्ष चाकुलिया के वैष्णव भिक्षुक कृष्ण चंद्र दास ने भिक्षाटन कर चाकुलिया रास मंच में रास उत्सव प्रारंभ किया. दूसरे वर्ष के रास उत्सव में धालभूम के राजा जगन्नाथ धवल देव भी पहुंचे थे. उन्होंने आकर देखा कि चाकुलिया के रास उत्सव में लोगों की काफी भीड़ है. उन्होंने उक्त कृष्ण चन्द्र दास से इकरारनामा किया कि चाकुलिया और नरसिंहगढ़ में एकादशी से पूर्णिमा तक रास उत्सव होगा. एक ही समय होने के कारण राजा के राज उत्सव में लोगों की भीड़ कमने लगी थी. यह देख राजा ने चाकुलिया के कृष्ण चंद्र दास से इकरारनामा किया कि नरसिंहगढ़ में एकादशी से पूर्णिमा तक रास उत्सव किया जाएगा और चाकुलिया में पूर्णिमा से लेकर पांच दिवसीय रास उत्सव किया जाए. उस इकरारनामा के तहत चाकुलिया में आज भी चाकुलिया रास मंच में पूर्णिमा से लेकर पांच दिवसीय रास उत्सव किया जाता है.
इस वर्ष सात दिवसीय रास उत्सव का आयोजन किया गया है : इस वर्ष चाकुलिया रास मंच में रास महोत्सव कमेटी द्वारा सात दिवसीय रास उत्सव का आयोजन किया गया है. 12 नवंबर से 18 नवंबर तक रास उत्सव किया जाएगा. रास उत्सव के पहले दिन मंगलवार को रास उत्सव कमेटी द्वारा सुबह 5:00 बजे कीर्तन मंडलियों के साथ नगर कीर्तन किया गया. 11:00 बजे से रास मंदिर परिसर में राधा कृष्ण की मूर्ति की पूजा की गई. पूजा करने के लिए रास मंच की मंदिर में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. पूजा के पश्चात अखंड हरिनाम संकीर्तन शुरू हुआ. रास उत्सव को सफल बनाने में कमेटी के अध्यक्ष चंद्रदेव महतो, उपाध्यक्ष पशुपति बेरा, देवदास पंडा, सचिव कमल बेरा, राजेश नामाता, कंचन पानी, चंदन दास, लक्ष्मी नारायण दास, रंजीत दास, तूहीर पंडा, तारक नाथ दास, विजय मिश्रा, गिरधारी महतो, प्रफुल्ला बारिक, सुखदेव पाल समेत अन्य जुटे हुए हैं. वहीं रास उत्सव कमेटी द्वारा 19-25 तक सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया है. कमेटी के वरिष्ठ सदस्य लक्ष्मी नारायण दास ने बताया कि रास उत्सव के उपलक्ष्य में इस बार रास कमेटी द्वारा रास महोत्सव के पश्चात सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया है. साध्वी सुगणा बाई सा द्वारा कथा वाचन किया जाएगा.




