
Chakuliya : चाकुलिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिए नपं क्षेत्र के कमारीगोड़ा में करोड़ों की लागत से अस्पताल भवन और चिकित्सक आवास का निर्माण तो कर दिया गया है, परंतु पर्याप्त संख्या में चिकित्सक की व्यवस्था नहीं की गयी है. विदित हो कि चाकुलिया प्रखंड की लगभग एक लाख की आबादी उपचार के लिए पूर्ण रूप से सीएचसी पर ही निर्भर है. सीएचसी में डॉक्टर की कमी के कारण चाकुलिया के ग्रामीणों को बेहतर इलाज कराने के लिए पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम जाना पड़ता है. सीएचसी में डॉक्टर की कमी के बावजूद दो सौ से अधिक मरीज रोजाना इलाज कराने आते हैं. चाकुलिया सीएचसी में डॉक्टरों के स्वीकृत पद छह हैं, जबकि अस्पताल में एक डॉक्टर रंजीत मुर्मू ही पदस्थापित हैं. एक महिला डॉक्टर सम्पा मन्ना अनुबंध पर बहाल हैं. सिर्फ दो डॉक्टरों के भरोसे ही अस्पताल संचालित है.
कई माह से खराब है एक्सरे मशीन : सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रंजीत मुर्मू ने बताया कि अस्पताल में लगा एक्स-रे मशीन पिछले कई माह से खराब है. इसकी सूचना विभाग के पदाधिकारी को दी गई है, परंतु विभाग द्वारा अब तक पहल नहीं की गयी है. मशीन खराब होने के कारण स्वास्थ्य कर्मी और मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था नही : डॉ मुर्मू ने बताया कि प्रत्येक माह की नौ तारीख को अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की जाती है. गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए बाहर जाना पड़ता है. इससे महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. अस्पताल में ही अगर अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था हो जाये, तो गर्भवती महिलाओं को काफी सहूलियत होगी.







