
चाकुलिया : चाकुलिया वन क्षेत्र में पिछले कई माह से गजराज और इंसानों के बीच जंग जारी है. गजराज जंगल से निकलकर गांव में घरों को तोड़ रहे हैं और फसलों को बर्बाद कर रहे हैं. वहीं इंसान इन्हें मशाल जलाकर और पटाखे फोड़ कर जंगल में खदेड़ रहे हैं. इस जंग में गजराज और इंसान दोनों ही गुस्से में हैं. मगर इंसानों को ही जान और माल का अधिक नुकसान उठाना पड़ा है. पिछले दो माह में गजराजों में चार लोगों की जान ले ली है. वन विभाग की उदासीनता के कारण यह जंग खत्म नहीं हो रही है।

हाथियों के नेचर में बदलाव, ग्रामीणों में आक्रोश
जंगल और पहाड़ में हो रहे अवैध खनन और वृक्षों के पातन से हाथियों के स्वभाव में बदलाव आया है. हाथी दिन भर जंगल में रहते हैं और शाम होते ही गांव में घुसकर उत्पात मचाने लगते हैं. हाथी भोजन की तलाश में गांव में घुस रहे हैं. घर-घर घूम रहे हैं। घरों को तोड़कर घरों में रखे चावल और धान खा रहे हैं. स्कूल भवनों के रसोई घर के दरवाजों को तोड़कर चावल चट कर जा रहे हैं. पिछले दो माह में हाथियों ने कई घरों को तोड़ा। भारी मात्रा में धान, बांस, केला की फसलों को खाकर और पैरों से रौंदकर नष्ट किया. इससे क्षेत्र के किसानों को भारी नुकसान हुआ. हाथियों द्वारा पहुंचाए जा रहे इस नुकसान से ग्रामीण काफी गुस्से में हैं. ग्रामीणों का यह गुस्सा हाथियों तथा वन विभाग दोनों के प्रति है.
गजराज भी हैं गुस्से में
आक्रोशित ग्रामीण हाथियों को खदेड़ने का प्रयास कर रहे हैं. ग्रामीण मशाल जलाकर हाथियों को खदेड़ रहे हैं. हाथियों पर पत्थर फेंक रहे हैं और मशाल से जलाने का प्रयास भी कर रहे हैं. इससे हाथियों में गुस्सा बढ़ा है और हाथी कुछ ज्यादा ही उत्पात मचाने लगे हैं.



