रांची : भारत का चंद्रयान-3 शुक्रवार को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च हो गया है. वहीं यह लॉन्चिंग झारखंड के लिए खास रहा. इसमें झारखंड के दो कंपनी से लेकर वैज्ञानिक सोहन यादव भी जुड़े है. जो झारखंड के लिए गर्व का विषय है. चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग देखने के लिए हजारों संख्या में लोग पहुंचे हुए थे. वहीं चंद्रया-3 की लॉन्चिंग पर विज्ञान और प्रोद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर श्रीहरिकोटा के सतीश धवन सेंटर पहुंचे थे. इसके अलावा पूर्व इसरो चीफ राधाकृष्णन के सिवन और एएस किरण कुमार भी उपस्थित हुए. बता दे कि पहले चंद्रयान पृथ्वी की कक्षा में जाएगा फिर इसके बाद धीरे-धीरे चंद्रमा की ओर आगे बढ़ेगा. सब कुछ ठीक रहा तो 23 अगस्त या उसके बाद किसी भी दिन चांद पर लैंड करेगा. चांद की 3.84 लाख किमी की दूरी 40 दिनों में तय करेगा. लॉन्चिंग के बाद रॉकेट इसे पृथ्वी के बाहरी ऑर्बिट तक ले जाएगा. इस दौरान रॉकेट 36 हजार किमी/घंटे की अधिकतम रफ्तार तक सफर करेगा. इसे पूरा करने में इसे 16 मिनट लगेंगे. चंद्रयान-2 की तरह ही चंद्रयान-3 में भी लैंडर और रोवर भेजा जाएगा लेकिन इसमें ऑर्बिटर नहीं होगा. ऐसा इसलिए है क्योंकि पिछले मून मिशन का ऑर्बिटर अभी भी अंतरिक्ष में काम कर रहा है. चंद्रयान-3 धरती से चांद की 3.84 लाख किमी की दूरी 40 दिनों में तय करेगा. (नीचे भी पढ़ें)

वैज्ञानिक सोहन तपकरा जैसे छोटे से गांव में पढ़ाई कर वैज्ञानिक बना है. उसके पिता घुरा यादव ट्रक ड्राइवर है. वह 2016 में इसरो से जुड़ा था. वहीं उसने अपनी माता और भाई को 15 दिन पहले फोन कर बताया चंद्रयान-3 के परीक्षण के बाद ही अब बात हो पायेगी. वहीं आज सफलता की घड़ी आ गयी. जहां सोहन का पूरा परिवार समेत गांव वाले चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग का बेशबरी से इंतजार कर रहे थे. (नीचे भी पढ़ें)
वहीं झारखंड की दो कंपनियों में रांची के एचईसी और सरकार की इंजीनियरिंग कंसल्टेंट कंपनी मेकॉन शामिल है. एलएलपी का निर्माण रांची के एचईसी और डिजायनिंग रांची के मेकॉन में की गयी थी. इस चंद्रयान-3 को स्वदेशी तकनीकों से तैयार किया गया है. वहीं एसएलपी के लिए जरूरी उपकरणों कर निर्माण रांची के धुर्वा स्थित हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (एचईसी) के वर्कशॉप में किया गया है. एचईसी ने टावर क्रेन, फोल्डिंग कम वर्टिकली रिपोजिशनेबल प्लेटफार्म, स्लाइडिंग डोर और मोबाइल लॉन्चिंग पेडस्टल तैयार किया. इसके अलावा 6-एक्सिस सीएनसी डबल कॉलम वर्टिकल टर्निंग और बोरिंग मशीन, 3-एक्सिस सीएनसी सिंगल कॉलम वर्टिकल टर्निंग एंड बोरिंग मशीन का भी निर्माण किया गया. वहीं दूसरी ओर मेकॉन लिमिटेड के इंजीनियरों ने चंद्रयान-3 का ड्राइंग-डिजाइन तैयार किया.



