जमशेदपुर : भारत सरकार ने यूनेस्को को पत्र भेजकर छठ महापर्व को यूनेस्को की सूची में शामिल करने की मांग की है. इसको लेकर लिखे गये पत्र में भारत सरकार के अंडर सेक्रेटरी अंकुर वर्मा ने कहा है कि भारत की संस्कृति छठ महापर्व में दिखती है, जिसमें उगते और डूबते सूर्य को भी प्रणाम किया जाता है. छठ मैया फाउंडेशन के चेयरमैन संदीप कुमार दुबे के पत्र को आधार बनाते हुए यह पत्र लिखा गया है. दूसरी ओर, इस मसले पर झारखंड भाजपा के प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले ने कहा कि भारतीय लोक आस्था और संस्कृति का अद्वितीय पर्व छठ महापर्व अब विश्व मंच पर अपनी पहचान दर्ज कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ा चुका है. केंद्र सरकार ने इस पर्व को यूनेस्को की इंटेंजिबल कल्चरल हेरीटेज (अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर) सूची में शामिल करने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से प्रारंभ कर दी है. (नीचे भी पढ़ें)
झारखंड बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले ने कहा कि यह हमारे पूर्वजों की परंपराओं, मातृशक्ति की आराधना, प्रकृति के प्रति सम्मान और लोकसंस्कृति की पवित्रता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाएगा. छठी मइया फाउंडेशन द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए, सरकार ने संगीत नाटक अकादमी को नोडल एजेंसी के रूप में प्रक्रिया आरंभ करने के निर्देश दिए हैं. श्री काले ने इस महत्वपूर्ण और सराहनीय निर्णय के लिए केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा संबंधित विभाग को हार्दिक बधाई और गहन आभार व्यक्त करता हैं. यह पहल न केवल भारत की सांस्कृतिक धरोहर को नई ऊंचाई देगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए छठ महापर्व की महिमा को सुरक्षित और अमर कर देगी.



