
जमशेदपुर : देश भर कोरोना महामारी को देखते हुए पहले 10वीं को बोर्ड परीक्षाएं रद्द की गई, उसके बाद पिछले मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में संपन्न बैठक में सीबीएसई 12वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया. सीबीएसई बोर्ड के इस फैसले को देखते हुए सीआईएससीई ने भी 12वीं की बोर्ड (आईएससी) की परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया है. परीक्षाएं रद्द होने से सीबीएसई के 12 लाख विद्यार्थियों तथा आईसीएससीई के चार लाख विद्यार्थियों को राहत मिली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि परिस्थिति को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा सबसे पहले है. इससे किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता है. इस तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए बच्चों पर परीक्षा का बोझ नहीं डाला जा सकता है. इस बैठक में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, प्रकाश जावड़ेकर, पीयूष गोयल, धर्मेन्द्र प्रधान, निर्मला सीतारमण मौजूद थीं. वही सीआईएससीई बोर्ड के सचिव गैरी अराथून ने बताया कि जल्द ही वैकल्पिक आकलन मानकों की घोषणा की जाएगी. वहीं सीबीएसई के विद्यार्थियों को 9वीं, 10वीं और 11वीं तीनों के आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर रिजल्ट दिया जाएगा. इसी के साथ आंतरिक मूल्यांकन से जो विद्यार्थी संतुष्ट नहीं होगे, उन विद्यार्थियों की परीक्षा स्थिति समान्य होने पर ली जाएगी. बता दें कि साआईएससीई की बोर्ड परीक्षा 4 मई से होनी थी. 12वीं की बोर्ड परीक्षा को लेकर हाईलेवल मीटिंग 23 मई को आयोजित की गई थी, जिसमें राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों से दो दिन में लिखित रूप में सुझाव मांगा गया था.





