
सरायकेला : राज्य के चर्चित झारखंड राज्य सहकारिता बैंक सरायकेला- खरसावां में हुए 33 करोड़ रुपए के घोटाले के मामले में आरोपी संजय कुमार डालमिया के तलाश में सीआईडी की टीम सरायकेला पहुंची. वहीं बिना सर्च वारंट के सरायकेला के वार्ड नंबर आठ के पटनायक टोला स्थित संजय के आवास पर पहुंची सीआईडी टीम को सर्च करने से रोका गया. संजय के परिवार वालों द्वारा बिना महिला पुलिस की उपस्थिति में गैरकानूनी तरीके से घर का सर्च करने के आरोप लगाए गए. मौके पर पहुंचे संजय के वकील राजकुमार साहू द्वारा भी कानूनी पहलुओं को रखते हुए इस प्रकार के सर्च को गलत बताया गया. जिसके बाद तकरीबन आधे घंटे तक चली दोनों पक्षों के बीच रस्साकशी के बाद कोल्हान प्रमंडल के सीआईडी डीएसपी अनिमेष गुप्ता के नेतृत्व में पहुंची सीआईडी टीम को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा. इस अवसर पर कानूनी प्रक्रिया के तहत सरायकेला थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडेय भी पुलिस बल और बाद में पहुंची महिला पुलिस बल के साथ आवास के समक्ष मौजूद रहे. आपको बता दें कि पूरे घटनाक्रम के दौरान सीआईडी टीम में कोरोना संक्रमण का खौफ नहीं देखा गया. टीम के डीएसपी सहित अन्य सदस्य भी बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करते नहीं दिखे और सभी से मिलते रहे.
क्या है मामला : 22 अगस्त 2019 को सरायकेला थाने में दर्ज मामले के अनुसार झारखंड राज्य सहकारिता बैंक की सरायकेला शाखा में करीब 38 करोड़ घोटाले का मामला दर्ज कराया गया है. जिसमें सरायकेला शाखा से व्यवसायी संजय कुमार डालमिया द्वारा विभिन्न कंपनियों के नाम पर 33 करोड़ रूपया लोन लेकर नहीं लौटाए जाने का मामला है. इसको लेकर कॉपरेटिव बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक सुनील कुमार सतपति, सहायक मदन लाल प्रजापति, मैनेजर धीरेंद्र कुमार सवईयां, क्षेत्रीय कार्यालय चाईबासा के एजीएम, लेखापाल शंकर बंधोपाध्याय, एमडी मनोज नाथ शाहदेव, मुख्यालय एजीएम संदीप सेन, सीईओ ब्रजेश्वर नाथ और व्यवसायी संजय कुमार डालमिया को आरोपी बनाया गया है. मामले की जांच सीआईडी द्वारा की जा रही है.
जाने किसने क्या कहा
- संजय कुमार डालमिया के ऊपर दो मामले दर्ज हैं. उच्च न्यायालय से कंडीशनल बेल प्राप्त है. लोअर कोर्ट में अपीयर नहीं हुआ है. जिसके बाद कोर्ट के निर्देश पर छापामारी में आए हुए हैं. आरोपी नहीं मिला. कालांतर में भी गिरफ्तारी के लिए छापामारी जारी रहेगी.
अनिमेष गुप्ता, सीआईडी डीएसपी कोल्हान प्रमंडल - सीआईडी टीम का कहना है कि वे बिना सर्च वारंट के घर में घुसकर गिरफ्तार कर सकते हैं. दोनों मामलों में मिले कंडीशनल बेल के बाद न्यायालय से समय की मांग नोटिफिकेशन लगाकर की गई है. इसके बाद बिना कोर्ट के आदेश के गिरफ्तारी के लिए बिना महिला पुलिस बल के आवास में सर्च को गलत बताया गया है
राजकुमार साहू, मामले में संजय कुमार डालमिया के अधिवक्ता - अचानक से सीआईडी टीम घर में घुस आई. और बिना किसी सर्च वारंट के सभी कमरों को जबरन सर्च करने लगी. जिस पर मना करने पर अपराधियों जैसा व्यवहार करते हुए दूर रहने को कहा गया. संजय के घर में नहीं होने की बात कहने के बावजूद भी कहां छुपा कर रखे जाने का प्रश्न पूछा जाता रहा. जिससे काफी डर की स्थिति बन गई”
सोनिया डालमिया, संजय कुमार डालमिया की पत्नी






