
जमशेदपुर : रक्तदाता हमारे शहर की शान है, जब कहीं भी बात आती है कि सबसे अधिक सेंचुरियन रक्तदाता कहां के हैं तो हमारे जमशेदपुर का नाम आता है। यह बहुत ही गौरवशाली है, इस गौरव के पीछे हर रक्तदाता और रक्तदान से जुड़ी संस्थाएं हैं, जिन्होने दूसरों के जीवन को बचाने के लिए अपना रक्तदान किया है। उक्त विचार रेड क्रॉस के उपाध्यक्ष श्री विकास सिंह ने यहां रेड क्रॉस भवन में विश्व रक्तदाता दिवस पर आयोजित सम्मान समारोह का उद्घाटन करते हुए व्यक्त किया। इस अवसर पर एस.डी. सिंह मेमोरियल एजुकेशनल फाउण्डेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष दिवाकर सिंह ने कहा कि आज जब पूरी दुनिया कठिन दौर से कोविड-19 के कारण गुजर रही है, ऐसे में रक्तदाताओं का जज्बा हमें उत्साहित करता है, वे दूसरों का जीवन बचाने के लिए इस तरह आगे आकर रक्तदान कर रहे हैं, जिसकी प्रशंसा शब्दों में नहीं की जा सकती। उन्होने कहा कि यह शहर रक्तदान के मामले में अनेको विकसित शहर से ज्यादा शिक्षित हैं, क्योंकि रक्तदान के जज्बे के कारण ही हर जरूरतमंद को रक्त उपलब्ध हो पाता है और कई परिवारों की खुशियां कायम रहती है। स अवसर पर रेड क्रॉस के उपाध्यक्ष बालमुकुन्द गोयल ने कहा कि रेड क्रॉस सोसाईटी की पूर्वी सिंहभूम शाखा ने न सिर्फ रक्तदान से लोगों के जीवन को बचाया, बल्कि जब लोगों के पास अनाज नहीं थे, लोग भूखे थे, उस समय अन्नदान कर भी हजारों लोगों के जीवन को बचाया है। उन्होने कहा कि रेड क्रॉस सोसाईटी अपने हर रक्तदाता के साथ साथ अपने दानदाताओं का भी आभार मानती है, जिन्होने रेड क्रॉस से जुड़कर हजारों लोगों को अन्न उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।

सम्मान समारोह का संचालन कर रहे रेड क्रॉस सोसाईटी, पूर्वी सिंहभूम के मानद सचिव विजय कुमार सिंह ने कहा कि रेड क्रॉस सोसाईटी, पूर्वी सिंहभूम के प्रति लोगों का विश्वास कुछ ऐसा है कि रक्तदाताओं ने एक पुकार पर लॉकडाउन के दौरान भी जमकर रक्तदान किया और विश्व रेड क्रॉस दिवस पर आयोजित 8 से 10 मई तक के रक्तदान शिविर में इतना रक्तदान किया कि उस कठिन परिस्थिति में भीषण गर्मी व लॉकडाउन के बीच जरूरतमंदों को रक्त मिल पाया, उसके साथ ही सभी जरूरतमन्द को अनाज मिल पाये, किसी के घर का चूल्हा ठंडा न हो इसके लिए रेड क्रॉस के उपाध्यक्ष विकास सिंह, पेट्रन दिवाकर सिंह, आशीफ महमूद सहित रेड क्रॉस के पेट्रन वह सहयोगियों ने रेड क्रॉस का अन्न भंडार भरा ताकि हर जरूरतमंद तक अनाज पहुंचें और इस दौरान 50 हजार परिवारों को रेड क्रॉस सोसाईटी ने राशन उपलब्ध कराया। उन्होने कहा कि यह कठिन दौर है इसलिए प्रत्येक वर्ष की भांति रक्तदाता सम्मान समारोह का आयोजन नहीं कर पायें, पर हम आभारी हैं रक्तदाताओं और रक्तदान से जुड़ी हर संस्था का जिन्होने रक्तदान के माध्यम से लोगों को जीवनदान दिया है। उन्होने कहा कि स्थिति सामान्य होते ही भव्य सम्मान समारोह का आयोजन कर सभी संस्थाओं का सम्मानित किया जायेगा। भारतीय रेड क्रॉस सोसाईटी, पूर्वी सिंहभूम द्वारा 14 जून विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर रक्तदाता सम्मान समारोह के साथ ही रक्तदान शिविर का आयोजन भी रेड क्रॉस भवन में किया गया, जहां रक्तदाताओं ने रक्तदान किया, वहीं सभी रक्तदाताओं को सम्मानित भी साथ ही साथ किया गया। इस अवसर पर जिला में इस वर्ष सर्वाधिक 5992 यूनिट रक्तदान के लिए टाटा मोटर्स को सम्मानित किया गया, जो सम्मान टाटा मोटर्स ब्लड बैंक के प्रभारी भास्कर चटर्जी एवं टाटा मोटर्स के ब्लड मोटिवेटर्स की टीम ने ग्रहण किया। इस अवसर पर इस वर्ष 125वां रक्तदान करने वाले टाटा मोटर्स के डी. बी. दास, आज 101वां रक्तदान करने वाले अरुण कुमार पट्टनायक, 8 मई को 50वां रक्तदान पूरा करने वाले राजेश चक्रवर्ती, 8 जून को 50वां रक्तदान करने वाले रमेश चौधरी, 57 बार रक्तदान करने वाले नरेन्द्र कुमार पटेल, 65 बार रक्तदान करने वाले टाटा मोटर्स के भास्कर चटर्जी, एसडीपी (सिंगल डोनर प्लेटलेट) रक्तदान करने वाले विभाष शुक्ला, अनूप कुमार सिंह, दिलीप कुमार आचार्य को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित एस.डी. सिंह मेमोरियल एजुकेशनल फाउण्डेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष दिवाकर सिंह, रेड क्रॉस सोसाईटी, पूर्वी सिंहभूम के उपाध्यक्ष विकास सिंह, बालमुकुन्द गोयल ने टाटा मोटर्स के प्रतिनिधि एवं सम्मानित रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र देकर एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। आज विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर रक्तदाताओं का उत्साह बढाने के लिए अशोक अग्रवाल, धर्मेन्द्र प्रसाद, अनुपम सिन्हा, आशीष अग्रवाल, विशाल कुमार सिंह, राजू सिंह मुख्य रूप से उपस्थित थे। रक्तदान शिविर के दौरान 117 यूनिट रक्तदान हुआ। जमशेदपुर ब्लड बैंक की टीम डॉ. रीता सिंह के मार्गदर्शन में रक्तदान प्राप्त की। इस अवसर पर रक्तदान शिविर में रेड क्रॉस की ओर से वाईस पेट्रन डी के घोष, दीपक मित्रा, सरस्वती, शान्ता अधिकारी, गीता सिंह, अशोक सिंह, प्रमोद कुमार, समीर सरकार, राधेश्याम, राधाकान्त वर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।







