नई दिल्ली : कांग्रेस पार्टी के नेताओं को पार्टी में बड़े पद और चुनाव टिकट दिलाने का झांसा देकर कथित तौर पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है. रिपोर्ट के अनुसार, देहरादून से गिरफ्तार किया गया गौरव कुमार अमृतसर का निवासी है, जिस पर आरोप है कि उसने कांग्रेस नेताओं को पार्टी में पद और चुनाव के दौरान टिकट दिलाने का वादा करके उनसे पैसे ठगे.
पुलिस का कहना है कि उसने एक नकली ट्रू कॉलर अकाउंट का इस्तेमाल करके कनिष्क सिंह होने का नाटक किया. बता दें कि कनिष्क सिंह पहले राहुल गांधी के सचिव रह चुके हैं. पकड़ाये गौरव कुमार को स्थानीय न्यायालय ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. देहरादून पुलिस ने कहा कि वह आगे की पूछताछ के लिए उसे रिमांड पर लेगी. पुलिस अधीक्षक (शहर) प्रमोद कुमार ने कहा कि ‘गिरफ्तार आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. हम इस मामले में आगे की जांच के लिए उसके पुलिस हिरासत रिमांड के लिए आवेदन करने जा रहे हैं.’ (नीचे भी पढ़ें)
यह मामला तब सामने आया जब देहरादून निवासी महिला कांग्रेस नेता भावना पांडे ने 3 मई को राजपुर पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ 25 लाख रुपये की ठगी की गई है. पांडे ने पुलिस को बताया कि कुमार ने उन्हें पार्टी में बड़ा पद दिलाने का वादा किया था. देहरादून के एक होटल से फोन करते समय उसने उन्हें कुछ आवाजों की रिकॉर्डिंग भी सुनाई, और दावा किया कि ये आवाजें कांग्रेस के बड़े नेताओं की हैं. उसकी बातों पर यकीन करके, उन्होंने अपने एक सहयोगी के जरिए उसे पैसे दे दिए. (नीचे भी पढ़ें)
बाद में पांडे ने आरोप लगाया कि गौरव कुमार ने उनसे कहा था कि कांग्रेस आलाकमान उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदियाल से नाराज है, और राज्य इकाई में नेतृत्व बदलने के लिए पैसों की जरूरत है. जांचकर्ताओं का कहना है कि कुमार ने कनिष्क सिंह के नाम से एक नकली ट्रू कॉलर प्रोफाइल बनाकर और माइनेता.इन्फो जैसी सार्वजनिक वेबसाइटों से कांग्रेस नेताओं के बारे में जानकारी इकट्ठा करके अपना भरोसा जमाया. पुलिस का आरोप है कि उसने पंजाब के अपने साथियों छज्जू, रजत माडा और मनिंदर सिंह कालू के साथ मिलकर उत्तराखंड, राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश और बिहार के नेताओं को अपना निशाना बनाया. (नीचे भी पढ़ें)
जांचकर्ताओं के अनुसार, गौरव को देहरादून के जाखन इलाके से तब गिरफ्तार किया गया, जब वह कथित तौर पर कांग्रेस के एक और पदाधिकारी से पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहा था. पुलिस ने बताया कि उसके खिलाफ हरियाणा, राजस्थान और बिहार में पहले से ही कई मामले दर्ज हैं. अधिकारियों का कहना है कि आरोपी आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आता है और शादीशुदा है, जिसके दो बच्चे हैं. पुलिस का दावा है कि यह ऑपरेशन कई सालों से चल रहा था. जांचकर्ताओं का आरोप है कि 2017 में जयपुर में, गौरव ने गांधी का सेक्रेटरी बनकर दो कांग्रेस नेताओं से ₹1.90 करोड़ और ₹12 लाख की धोखाधड़ी की थी. 2025 में पटना में, उसने कथित तौर पर एक और नेता से ₹3 लाख की ठगी की थी. पुलिस का मानना है कि और भी पीड़ित हो सकते हैं. एक और कांग्रेस नेता, सोनिया आनंद रावत से भी कथित तौर पर पैसों के लिए संपर्क किया गया था.







