
जगन्नाथपुर (चाईबासा) : जगन्नाथपुर थाना प्रभारी मधुसूदन मोदक के नेतृत्व में एक ओर जहां कोरोनोवायरस से बचाव के लिए पुलिस निरंतर प्रयासरत है वहीं दूसरी ओर अपनी तत्परता एवं सक्रियता दिखाते हुए बिछड़े हुए नाबालिग बच्चों को भी उनके परिजनों से मिलाने का कार्य भी कर रही है. थाना प्रभारी मधुसूदन मोदक ने मानवता का परिचय देते हुए लापता नाबालिक चार वर्षीय बालक जोएल केराय को 5 घंटे के अंदर ही परिजनों को सही सलामत सौंप दिए. ज्ञात हो कि पिछले मंगलवार की दोपहर एक चार वर्षीय बालक जोएल केराय जगन्नाथपुर बैंक ऑफ इंडिया के पास घूमते हुए पुलिस को मिला. थाना प्रभारी मोदक द्वारा पूछने पर बालक अपने बारे में कुछ भी नहीं बोल पा रहा था तथा बालक अपना नाम पता बताने में असमर्थ था. थाना प्रभारी मोदक ने बालक के परिजनों को खोजने का काफी प्रयास किया. जब बच्चे का परिजनों का पता नहीं चला तो थाना प्रभारी मोदक ने स्थानीय पत्रकारों के माध्यम से बरामद नाबालिग बालक की फोटो व्हाट्सएप न्यूज ग्रुप में डलवा दिया. न्यूज ग्रुप में फोटो डलवाने के बाद ग्रामीणों से सूचना मिली कि उक्त बालक थाना क्षेत्र के कुण्डरी जोड़ गांव का है, तो थाना प्रभारी ने सआनि तारकनाथ सिंह व नंदकिशोर सिंह को कुन्दरीजोड़ गांव भेजा. दोनों पुलिस पदाधिकारी गांव से बालक के दादा लुकना केराय को लेकर थाना पहुंचे. थाना पहुंचते ही बालक ने अपने दादा को पहचान लिया तथा अपना थैला लेकर बाहर आ गया और अपने दादा का हाथ पकड़ लिया. इस प्रकार थाना प्रभारी मोदक एवं स्थानीय पत्रकार के सहयोग से लापता होने के 5 घंटे के अंदर ही बालक अपने परिजन के पास सकुशल पहुंच गया. बालक को सकुशल प्राप्त कर बालक के दादा ने थाना प्रभारी मोदक का आभार प्रकट किया. बालक के दादा लुकना केराय ने बताया कि सुबह उन्होंने अपने पोते जोएल केराय को 5 रुपये कुछ खरीद कर खाने के लिए दिया था, पर लॉकडाउन के कारण गांव की दुकान बंद है. इसलिए बालक पैदल ही चलकर जगन्नाथपुर पहुंच गया था और रास्ता भटक गया. थाना प्रभारी मधुसूदन मोदक ने स्थानीय लोगों से अपने बच्चों पर ध्यान देने और बच्चों की सही तरीके से देखभाल करने की सलाह दी. साथ ही नसीहत देते हुए कहा कि बच्चे की जेब में पूरा पता लिखकर डाल दें. साथ ही यदि आधार कार्ड बना हो तो उसे भी उसकी जेब में रख दें. ताकि आपका बच्चा अगर कहीं बिछड़ जाये तो सकुशल आप तक पहुंच सके.














