
रामगोपाल जेना
चक्रधरपुर : भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ ने हेमन्त सरकार पर मजदूरों व छात्र हित मे कार्य नहीं करने का आरोप लगाया है. उन्होंने हेमन्त सरकार के खिलाफ एक दिवसीयधरना के सम्बंध में बताया कि झारखंड सरकार द्वारा COVID-19 संक्रमण के संकट से राज्य के बाहर निकलने में दिख रही इच्छाशक्ति की कमी एवं लॉकडाउन में बाहर के राज्यों में फंसे झारखंड के मजदूरों-कामगारों के भोजन आदि की व्यवस्था करने में असफल होने, कोटा एवं देश के अन्य हिस्सों में फंसे छात्रों को वापस लाने का प्रयास नही करने के खिलाफ एकदिवसीय उपवास रखा गया।
उन्होंने राज्य की जनता को पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार द्वारा COVID 19 से लड़ने हेतु झारखंड राज्य के हित में उठाए गए कदमों एवं उपलब्ध कराए गए संसाधनों की जानकारी देते हुए कहा कि अपनी अक्षमताओं को छुपाने के लिए हेमंत सरकार दूसरों पर दोषारोपण कर रही है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबन्धन अधिनियम के अनुसार उन्होंने तीन मंत्रियों की टोली बनाई, वे मंत्री स्वयं नियमों को ताक पर रख, निजी पास बिना प्रशासन को सूचना के बांट रहे हैं। कहा कि हेमंत सरकार के मंत्री आलमगीर आलम द्वारा 29 मार्च को बसों में भर कर राज्य के विभिन्न हिस्सों एवं बांग्लादेश सीमा तक भेजे गए लोग COVID-19 संक्रमण का कारण बने। लॉकडाउन के कारण रोजी-रोजगार खो चुके दैनिक मजदूरों, कामगारों आदि के भोजन की वयवस्था करने में राज्य सरकार असफल रही, अभियान चला कर राज्य भर में ‘मोदी आहार कम्युनिटी भोजनालय’ एवं ‘मोदी आहार राशन पैकेट’ एवं फेस कवर पहुंचा कर राज्य को भुखमरी की स्थिति में जाने से रोका। राज्य की राजधानी रांची के हिन्दपिढ़ी क्षेत्र में जहां जमात का कार्यक्रम हुआ था एवं वहीं राज्य के पहले संक्रमित मरीज मिलने के बाद भी कड़ाई से उस क्षेत्र को सील कर सम्पर्क में आये सभी लोगों की जांच अनिवार्य रूप से नहीं की गई।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री गिलुआ ने कहा कि संक्रमण के लक्षण ले कर हॉस्पिटल आये लोगों को तब तक घर जाने की अनुमति न दी जाय जब तक उसकी रिपोर्ट नेगेटिव न आ जाये। राज्य की ओर से प्रतिदिन COVID-19 से संबंधित मेडिकल बुलेटिन स्वास्थ विभाग के किसी वरिष्ठ अधिकारी द्वरा मीडिया के सामने लाइव आनी चाहिए। अन्य राज्यों में फंसे 9 लाख मजदूरों कामगारों के लिए हेमंत सरकार द्वारा उठाये गए सभी कदम, चाहे वरिष्ठ IAS अधिकारियों के मोबाइल नंबर पर हेल्पलाइन हो, या प्रवासी नागरिकों के लिए मोबाइल एप्प हो, पूरी तरह से असफल रहे हैं।
सरकार तुरंत प्रवासियों की पहचान कर उन तक सहायता पंहुचाये। अन्य राज्यों में फंसे छात्रों को उत्तर प्रदेश की भांति बस भेज कर तत्काल वापस लाना चाहिए। अभी भी राज्य में बड़ी जनसंख्या ऐसे लोगों की है, जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें सरकारी अनाज नहीं मिल रहा है। इस दौरान भाजपा नेता संजय मिश्रा, सुरेश साव, पवन शंकर पांडेय, खिरोद प्रधान, दीपक सिंह, राम कोड़ा, शिवाजी बोदरा, परविंदर सिंह चौहान, बुलटन रवानी समेत अन्य उपस्थित थे.















