अभय तिवारी / रंका (गढ़वा) : गढ़वा के रंका में तेंदुए के आतंक से लोग भयाक्रांत हैं। उसे पकड़ने के लिए वन विभाग अब गूगल मैप का सहारा ले रहा है। वन विभाग ने तेंदुए की खोज के लिए 50 वन कर्मियों को 50 ट्रैक कैमरे के साथ लगाया है। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन प्रमंडल पदाधिकारी शशि कुमार के निर्देश पर रंका अनुमंडल क्षेत्र के रमकंडा प्रखंड के बलीगढ़ पंचायत के कुशवार गांव तथा आसपास के क्षेत्रों में वन विभाग ने 50 ट्रैप कैमरा लगाने का निर्देश जारी किया है। इसके लिए रंका वन विश्रामगार में प्रशिक्षु आईएफएस एबिन बेन्नी इब्राहिम की देखरेख में गूगल मैप के माध्यम से तेंदुए की खोजबीन के लिए 50 वन कर्मियों को 50 ट्रेक कैमरा लगाने का प्रशिक्षण दिया गया है। आठ-आठ वनकर्मियों की जोड़ी के साथ वनकर्मी कार्य करेंगे। प्रशिक्षण के बाद सभी वनकर्मियों को रमकंडा प्रखंड के बलीगढ़ पंचायत तथा आसपास के जंगलों में वन विभाग के लोग कैमरा लगाने के लिए शुक्रवार सुबह 11:00 बजे रमकंडा के लिए प्रस्थान कर गए हैं। वनक्षेत्र पदाधिकारी रंका के गोपाल चंद्रा व भंडरिया वनक्षेत्र पदाधिकारी कन्हाई राम ने बताया कि सभी वनकर्मियों को वनों में तेंदुए की खोज के लिए ट्रैप कैमरा के साथ भेज दिया गया है। (नीचे भी पढ़ें और वीडियो देखें)
उन्होंने बताया कि वनकर्मी गूगल मैप के माध्यम से जंगल के विभिन्न हिस्सों में ट्रैप कैमरा लगाकर तेंदुए के आवागमन की गतिविधियों पर नजर रखेंगे। जैसे ही कैमरा के माध्यम से वन कर्मियों के मोबाइल पर सिग्नल मिलेगा वे उसको पकड़ने के लिए अभियान चलाएंगे। इस दौरान प्रशिक्षु आईएफएस एविन बेन्नी इब्राहिम ने बताया कि प्रथम दृष्टया तेंदुए की गतिविधि से पता चलता है कि तेंदुआ स्वभाव से आदमखोर हो चुका है। ऐसी स्थिति में विभाग के वरीय पदाधिकारी को तेंदुए के स्वभाव और क्षेत्र में हो रही जनहानि एवं पशु हानि की बात लिखित रूप से अग्रसारित की जा चुकी है। जैसे ही वरीय पदाधिकारियों के द्वारा इस तेंदुए को मारने के लिए अनुमति प्राप्त होगी, देहरादून और आंध्र प्रदेश से आए हुए निशानेबाज के द्वारा जरूरत पड़ने पर उसे पकड़ने या मारने के लिए वन विभाग पहल कर रहा है। (नीचे भी पढ़ें और वीडियो देखें)
विदित हो कि अनुमंडल क्षेत्र के रंका, रमकंडा, चिनियां तथा भंडरिया प्रखंडों से तीन जान सहित कई पशुओं की तेंदुए के द्वारा मारे जाने की खबर के बाद वन विभाग के द्वारा इस प्रकार की खोजबीन अभियान की शुरुआत की गई है। तेंदुआ पकड़ना वन विभाग के लोगों के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती बन गया है। वन क्षेत्र पदाधिकारी गोपाल चंद्रा ने बताया कि एक सप्ताह के अंदर तेंदुए के द्वारा मारे गए लोगों के परिजनों को चार लाख रुपये की मुआवजा राशि अविलंब प्रदान कर दिए जाएंगे ।उन्होंने कहा कि जिन – जिन लोंगो के बच्चे तेंदुए के द्वारा मार दिए गए हैं, उन बच्चों को तो हम वापस नहीं ला सकते, पर उनके दुख दर्द में हम शामिल जरूर हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जो प्रावधान है। उन प्रावधानों को यथाशीघ्र पीड़ित परिवार को दे देना हमारी पहली प्राथमिकता है।





