
नई दिल्ली : 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं आफलाइन माध्यम से लिये जाने के खिलाफ दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. इस तरह यह तय हो गया है कि परीक्षाएं ऑफलाइन माध्यम से ही होंगी. हालांकि याचिका में यह कहा गया था कि कक्षाएं ऑनलाइन हुई हैं, तो परीक्षाएं भी ऑनलाइन ही ली जानी चाहिए. इस पर सुनवाई करते हुए देश की शीर्ष अदालत फैसला सुना दिया है. सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एएम खानविलकर की पीठ ने इस याचिका को खारिज कर दिया है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को जमकर लताड़ लगाते हुए कहा कि इस तरह की याचिकाएं परीक्षार्थियों को भ्रमित करती है, इसलिए आगे से ऐसी याचिकाएं बिल्कुल न लगाएं. गौरतलब है कि इस याचिका को अनुभा सहाय श्रीवास्तव ने लगाया था और दलील दी है कि कोरोना महामारी के चलते ऑफलाइन कक्षाएं नहीं हुई हैं, इसलिए बोर्ड की परीक्षा ऑनलाइन होनी चाहिए. याचिकाकर्ता ने सभी बोर्डों को समय पर परीक्षा परिणाम घोषित करने के निर्देश देने और विभिन्न चुनौतियों का सामना करने के कारण सुधार परीक्षा का ऑप्शन देने की भी मांग की थी. (नीचे भी पढ़ें)
आपको बता दें कि इससे पहले केंद्रीय बोर्ड जैसे सीबीएसई, सीआईएससीई, एनआईओएस समेत कई राज्यों में परीक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की वर्ष 2021-22 की बोर्ड परीक्षाओं के परंपरागत ऑफलाइन आयोजन पर रोक लगाए जाने की मांग वाली जनहित याचिका पर 23 फरवरी 2021 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किए जाने के आदेश दिए थे. वहीं चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति एनवी रमन्ना की अध्यक्षता वाली खण्डपीठ द्वारा इस चायिका पर न्यायाधीश न्यायमूर्ति एएम खानविल्कर की अगुवाई वाली खण्डपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए प्रस्तुत किए जाने का आदेश 21 फरवरी 2022 को दिया गया था. आदेश 21 फरवरी 2022 को दिए गए थे.




