
नयी दिल्ली : कोरोना वारियर्स के रूप में काम कर रहे डॉक्टर्स के साथ दुर्व्यवहार, मारपीट, प्रवेश और निकास को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) जो घटनाये हुई है उस मामले को लेकर डॉक्टर्स ने संयम और धैर्य बनाए रखा है.डॉक्टर्स का कहना है कि “ हम अध्यादेश द्वारा डॉक्टरों, नर्सों, स्वास्थ्य देखभाल कर्मचारियों और अस्पतालों पर हिंसा के खिलाफ एक विशेष केंद्रीय कानून की मांग करते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की हिंसक घटनाएं बाद में, हम वहीं हैं जहां हमने अपनी यात्रा शुरू की थी। कोरोना ने हमें केवल मानसिक रूप से दुर्व्यवहार और हिंसा के खिलाफ अपनी बेबसी के बारे में जागरूक किया है. कलंक और सामाजिक बहिष्कार हर जगह हैं. प्रशासन द्वारा उत्पीड़न राज्य द्वारा हिंसा के अलावा और कुछ नहीं है. हमारा धैर्य और संयम शक्ति के संकेत हैं. डॉक्टर्स के अनुसार सुरक्षित कार्यस्थलों के लिए उनकी वैध जरूरतों को पूरा करना होगा. इसके साथ ही दुरुपयोग और हिंसा तुरंत बंद होने की बातें भी जाही गयी.आपको बता दे कि सभी डॉक्टर और अस्पताल विरोध और सतर्कता के रूप में एक मोमबत्ती जलाने वाले थे. उनकी मांग थी कि डॉक्टरों को सुरक्षित रहने दें, अस्पतालों को सुरक्षित रहने दें. इन सारी बातो को लेकर आईएमए ने गुरुवार को काला दिवस घोषित करने का ऐलान किया था . और उनका कहना था कि देश के सभी डॉक्टर्स काले बैज के साथ काम करेंगे. यदि काला दिवस के बाद भी सरकार द्वारा उचित कदम नहीं उठाए गए तो आगे के निर्णय लिए जाएंगे. लेकिन फ़िलहाल इन सभी मुद्दों को रोककर वाइट डे और ब्लैक डे मनाने के निर्णय को रोका गया है. दूसरी ओर, कोरोना वायरस से जारी जंग के दौरान कई जगहों से स्वाएस्य्तह कर्मियों के खिलाफ हिंसा की खबरें आ रही हैं. इस मामले पर केंद्र सरकार ने कड़ा कदम उठाया है.केंद्र सरकार ने कहा है कि अब मेडिकल टीम पर हमला करने वालों को इसके लिए कड़ी सजा दी जाएगी. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रें स कर बताया कि आरोग्यकर्मियों के खिलाफ होने वाले हमलों और उत्पीड़न को बिलकुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उनकी सुरक्षा के लिए सरकार पूरा संरक्षण देने वाला अध्यादेश जारी करेगी. प्रधानमंत्री के हस्ताक्षर के बाद ये तुरंत प्रभाव से जारी होगा. जावड़ेकर ने बताया कि स्वाजस्य्री कर्मियों के खिलाफ हमला करने वालों को 3 महीने से 5 साल तक सजा होगी. जावड़ेकर ने बताया कि अगर स्वा स्य् क कर्मियों पर गंभीर हमला है तो हमलाकर्मी को 6 महीने से 7 साल तक की सजा हो सकती है. इसके अलावा हमलावर को जुर्माना के रूप में 1 लाख से 5 लाख तक देना होगा. केंद्रीय मंत्री ने बताया अगर स्वावस्य् क कर्मियों की गाड़ी को या क्लिनिक को कोई नुकसान पहुंचाता है तो उस स्थिति में हमला करने वालों से जो बाजार वेल्यू होगा उसका दोगुनी रकम उससे वसूला जाएगा. जावड़ेकर ने बताया राष्ट्रीय महामारी कानून के तहत बदलाव करके अध्यादेश लागू किया जाएगा, जिसके तहत डॉक्टरों पर हमला गैरजमानती अपराध होगा. जिसके जाँच 30 दिन में पूरी होगी. और एक साल में फैसला आ जाएगा और कड़ी सजा यानी 3 महीने से 5 साल कैद की सजा हो सकती है.या 50 हजार से 2 लाख तक जुर्माना देना पड़ सकता है. प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि मोदी सरकार ने पहले ही स्वास्थ्य कर्मियों के 50 लाख के इंश्योरेंस का फैसला किया था. साथ ही देश में कोई भी कोविड अस्पताल नहीं था और जो कि इसके खतरे को देखते हुए अब 723 नये कोविड अस्पताल भी तैयार किये गये हैं.















