
जमशेदपुर : भारतीय ठेका मजदूर संघ ने शनिवार को मउभंडार स्थित एचसीएल व आईसीसी के महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन के माध्यम से संघ ने मांग की है कि मजदूरों को प्रत्येक माह 26 दिन काम उपलब्ध कराने की पहल की जाए. कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो कम से कम 16 दिन काम उपलब्ध कराया जाए, नहीं तो मजदूर ईएसआइसी के सुविधा से वंचित हो जाएंगे. साथ ही यह भी मांग की गई है कि लीज धारक ठेका कर्मचारी जो कंपनी के अंदर काम करते हैं उन्हें चार माह का बिजली बिल एक साथ भेजा गया, इसे एक मुस्त नहीं लेकर किस्त के रूप में लिया जाए. क्योंकि उनको कंपनी से पूरा वेतन नहीं मिल रहा है जिस कारण वह काम भुगतान करने में असमर्थ हैं. कहा कि जिस ठेका कर्मी को लीज पर क्वार्टर उपलब्ध है उन्हें बाहरी लोगों के मुकाबले थोडी रियायत दी जाए. साथ ही सीएसआए के तहत ठेका कर्मचारियों के बच्चों को स्कूल बस के भाडा में भी रियायत देने की मांग की है. संघ ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कर्मचारियों को सुरक्षा किट उपलब्ध कराया जाए. कहा कि कर्मचारियों को काम नहीं मिलने के कारण उन्हें परिवार का भरण-पोषण करने में काफी परेशानी हो रही है. कहा कि कंपनियों की भी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है इस बात को हमलोग भली-भांती जानते हैं, लेकिन काम नहीं मिलने से मजदूर काफी परेशान हैं. ज्ञापन सौंपने वालों में कोल्हान मंत्री करण सिंह, कोल्हान प्रभारी राज कुमार भगत, नंद त्रिपाठी, आदि मौजूद थे, ज्ञापन की कॉपी केंद्रीय मंत्री अजुर्न मुंडा, श्रममंत्री झारखंड सरकार, श्रमायुक्त चाईबासा, अध्यक्ष सह प्रबंधन निदेशक को भी दिया गया है.

यूसिल के मृत होमगार्ड को मिला मुआवजा
यूरेनियम कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसिल) के नरवा पहाड़ स्थित केंद्रीय विद्यालय में ड्यूटी के दौरान मारे गये होमगार्ड जरान दुखू राम हेम्ब्रम के परिवार को दो लाख रुपये का मुआवजा दिया गया. यूसिल के प्रबंधक और जिला समादेष्टा अशोक कुमार द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए मृत जवान की पत्नी दानगी हेम्ब्रम को अनुदान की राशि दो लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया. इस मौके पर जिला समादेष्टा अशोक कुमार, यूसिल प्रबंधक जीसी नायक एवं अरविन्द कुमार वेदका समेत अन्य लोग उपस्थित थे.





