
जमशेदपुर : सोमवार को शाम करीब इ सीरीज के 100 कर्मचारियो को लेकर एक बैठक किया गया. इसमें वर्तमान केअर टेकर यूनियन के महामंत्री एवं डिप्टी प्रेसिडेंट के बारे में चर्चा किया गया. यहां आरोप लगाया गया कि महामंत्री और डिप्टी प्रेसिडेंट को कर्मचारियों ने 2009 से 2018 तक 9 साल सत्ता से बाहर रखा था. इन लोगो के इस सत्ता लोभी आचरण से कंपनी के सारे मज़दूर अवगत है. इन लोगों ने अपने कार्यकाल के तीन साल तक कुछ नही किया बजाय मज़दूरों के हक मारकर सिर्फ श्रीकांत सिंह के बेटे के नौकरी लगाने के सिवाय. इन दोनों ने तीन साल तक सिर्फ मज़दूरों को छला है. इन लोगों ने 2018 यूनियन चुनाव में सत्ता में आने के लिए जो भी बायदा मजदूरों से किया था उसमें से एक भी पूरा कर नही सका. अब जब सत्ता जाने का डर सता रहा है तब इनदोनों को इ सीरीज का ग्रेड याद आ रहा है. सभी मज़दूर एक ही सवाल इन लोगो से कर रहे है कि जब इ सीरीज का ग्रेड 7 महीनों से लंबित है तो अगर और 5 दिन चुनाव में लग जाता है तो क्या आसमान गिर जाएगा. अगर इन लोगों को अपनी जीत पर इतना ही पक्का भरोसा है तो चुनाव के (सिर्फ 5 दिन) बाद ग्रैड इत्मीनान से एवं बिना किसी दवाब में करते रहे. यूनियन के तीन साल का कार्यकाल बीत जाने के बाद अगर मजदूरों ने यूनियन चुनाव के लिए मांग करता है तो ये मजदूरों का मौलिक अधिकार है. चुनाव समय पर करवाना ये वर्तमान यूनियन का कर्तब्य है इससे भागना इन लोगों का मनसा पर सवाल खड़ा करता है. श्रीकांत सिंह अपने करतूत को छुपाने के लिए पूर्व महामंत्री के ऊपर अनाप शनाप आरोप लगा रहे है. सभी मज़दूरों का कहना है कि इन्होंने अपने बेटे को पैरवी कराकर एवं अपने पद का दुरुपयोग करके नौकरी लगाया है. पूर्व महामंत्री के कोई भी अपना साला का बेटा तार कंपनी में काम नहीं करता है. इन लोगों को जानकारी के बहुत ही कमी है. अंत में कहा गया है कि चुनाव कराने से पता चल जाएगा कि कौन पहले चुनाव चाहता है और कौन पहले ग्रेड चाहता है. अगर इन केअर टेकर यूनियन द्वारा चुनाव में ब्यवधान या चुनाव टालने की कौशिश किया तो हर तरीके से पुरजोर विरोध किया जाएगा. बैठक में सतबिन्दर सिंह, सुरेंदर प्रसाद, प्रेम प्रसाद, गौरंगो सरदार, मंजीत सिंह, दशरथ महतो, बिस्वजीत तिवारी, बिरजू त्रिपाठी, निधुरं महतो, बीरेंदर गिरी, अकबर, सगीर अहमद, मनीष प्रसाद, ऋषि पिल्लई, अर्जुन दस, देबाशीष घोष, अरुण कुमार, शरत मिश्र, हीरालाल करवा, राकेश कुमार, शरत बेहरा, मनीष कुमार, पलविंदर सिंह, मनीष यादव, सुखलाल बंदिया, रमनदीप सिंह, त्रिलोक सिंह, अर्जुन दास, त्रिलोक सिंह राजा, मुकेश कुमार, अविनाश झा, रिंटू कर्मकार, देबाशीष प्रसाद, बिजय सरदार, सुब्रत कर्मकार, अरुण कुमार, संतोष पाल, रंजीत साह, रंजीत सिंह, सुरेंदर गौर, गौरव बोस, रामधन मुर्मू, नंदु मुखी, शिवचरण गोप, राजेश महतो, मनमीत सिंह, मंजीत सिंह, मनोज सरदार, कालीचरण दास, राजन प्रसाद, हसन अली, दुगर्म टुडू, राजेन्द्र त्रिपाठी, मुरली मुखी, प्रिय रंजन श्रीवास्तव, करुकुमार, बिजय पात्रो, दीपक बसके, अवदेष कुमार, एम उमेश, बिभास परिदा, पीयूष कुमार, घनश्याम शर्मा, नंदलाल मुंडा, सोहन लोहार आदि उपस्थित थे.





