जमशेदपुर : उप वन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक, गज परियोजना, जमशेदपुर-सह-संयोजक, निगरानी समिति, दलमा इको-सेंसिटिव जोन के द्वारा पटमदा अंचल के मौजा धुसरा में पूर्व से बंद क्रशर मशीन को पुनः चालू किए जाने की सूचना दी गई थी. उक्त सूचना के आलोक में जमशेदपुर के उपायुक्त के निर्देशानुसार एक समिति का गठन किया गया. गठित समिति द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी, धालभूम अर्नव मिश्रा के नेतृत्व में जिला खनन पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, पटमदा, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, आदित्यपुर, जमशेदपुर के कनीय पर्यावरण अभियंता मो. आफताब आलम, वन विभाग के प्रतिनिधि सीमोन टुडू, प्रभारी वनपाल, नूतनडीह बीट तथा थाना प्रभारी, पटमदा की उपस्थिति में पटमदा अंचल अंतर्गत मौजा धुसरा का संयुक्त निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के क्रम में स्थल पर एक क्रशर इकाई संचालित अवस्था में पाई गई. (नीचे भी पढ़ें)
स्थल से टाटा एस वाहन, पंजीयन संख्या जेएच 05 एपी – 1224, जिस पर हरे रंग का जेनरेटर लदा हुआ था, एक वेल्डिंग मशीन, दो वेल्डिंग रॉड पॉकेट, दो सब्बल, एक हथौड़ा, लगभग 300 सीएफटी पत्थर बोल्डर एवं लगभग 200 सीएफटी पत्थर चिप्स खनिज का भंडारण पाया गया. स्थल पर कार्यरत श्रमिकों से पूछताछ करने पर बताया गया कि उक्त क्रशर का संचालन सुभाष कुमार शाही द्वारा किया जाता है तथा पत्थर बोल्डर खनिज का प्रसंस्करण कर बिक्री-व्यापार किया जाता है. झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, आदित्यपुर, जमशेदपुर के कनीय पर्यावरण अभियंता मो. आफताब आलम द्वारा बताया गया कि सुभाष कुमार शाही को प्रदूषण संबंधी कोई वैध दस्तावेज, यथा कंसेंट टू एस्टेबलिश और कंसेंट टू ऑपरेट निर्गत नहीं है. यह एयर एक्ट एवं वाटर एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन है. इस आधार पर प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा उक्त क्रशर इकाई को सील कर दिया गया. वन विभाग के प्रतिनिधि सीमोन टुडू, प्रभारी वनपाल, नूतनडीह बीट द्वारा बताया गया कि यह क्षेत्र दलमा वन्यप्राणी आश्रयणी के इको-सेंसिटिव जोन के अंतर्गत आता है. दलमा इको-सेंसिटिव जोन की अधिसूचना के अनुसार इको-सेंसिटिव जोन में किसी भी क्रशिंग गतिविधि की अनुमति नहीं है. अतः उक्त गतिविधि प्रतिबंधित पाई गई. निरीक्षण के दौरान स्थल से टाटा एस वाहन, पंजीयन संख्या जेएच 05 एपी 1224, हरे रंग के जेनरेटर सहित, एक वेल्डिंग मशीन, दो वेल्डिंग रॉड पॉकेट, दो सब्बल, एक हथौड़ा तथा भंडारित लगभग 300 सीएफटी पत्थर बोल्डर एवं 200 सीएफटी पत्थर चिप्स को विधिवत जब्त कर सुरक्षित रूप से पटमदा थाना को सुपुर्द किया गया. (नीचे भी पढ़ें)

जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया जाता है कि बिना वैध खनिज अनुज्ञप्ति के खनिज का उत्खनन, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन एवं बिक्री करना अवैध है. यह एमएमडीआर एक्ट 1957 की धारा 4 का उलंघन है एवं धारा 21 के तहत दंडनीय है साथ ही मिनरल्स एमेंडमेंट रुल्स 2026 के नियम 7 एवं 9 का उल्लंघन है तथा नियम 13 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है. उक्त अवैध गतिविधि से सरकारी राजस्व की क्षति एवं राष्ट्रीय संपदा का क्षरण हो रहा था। इस संबंध में अवैधकर्ता सुभाष कुमार शाही के विरुद्ध मिनरल एक्ट एवं अन्य सुसंगत धाराओं के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई की जा रही है.




