जमशेदपुर : सबर ग्रामों में बुनियादी सुविधायें बेहतर करने तथा आदिम जनजाति लोगों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार लाने की दिशा में जमशेदपुर का जिला प्रशासन सतत प्रयासरत है. इसी क्रम में जमशेदपुर के उपायुक्त अनन्य मित्तल एवं परियोजना निदेशक आइटीडीए दीपांकर चौधरी ने बोड़ाम प्रखंड के सुदूर कोयरा ग्राम के बादाडीह सबर टोला में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया. मौका था जिला प्रशासन एवं ह्यूमन वेलयफेयर ट्रस्ट द्वारा आयोजित स्वास्थ्य शिविर का. इस दौरान जिला के वरीय पदाधिकारियों ने स्थानीय लोगों से उनकी समस्याओं को सुना तथा सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया तथा बच्चों के बीच खिलौने, कॉपी-किताब, पेंसिल, पेन, युवाओं को फुटबॉल, क्रिकेट का बल्ला, बैडमिंटन तथा महिलाओं एवं बुजुर्गों के बीच कंबल, साड़ी, चादर, दरी आदि का वितरण किया. उपायुक्त ने ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित करते हुए कहा कि वे बेझिझक अपनी समस्याओं को रखें. यह दौरा इस उद्देश्य से है कि सबर टोला की समस्याओं को समझ सकें तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ले सकें. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होने बताया कि जिला प्रशासन आदिम जनजाति टोलों में सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए कृत संकल्पित है, जरूरी है कि सबर परिवार खुद भी आगे आकर योजनाओं के विषय में जागरूक हों तथा लाभ लें. उन्होने बताया कि ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम के दौरान भी पदाधिकारी, कर्मी आपके बीच आए होंगे, हो सकता है आपकी समस्याओं का संपूर्ण निराकरण नहीं हो पाया हो ऐसे में अपनी समस्याओं को संकलित कर बीडीओ को दें, जिला स्तर से मॉनिटरिंग करते हुए आपके बुनियादी समस्याओं के समाधान तथा सुविधाओं को धरातल पर लाने का प्रयास किया जाएगा. उन्होने सबर लोगों की आवश्कता एवं समस्या के समाधान के लिए उनके आवेदन तैयार कराने, फॉर्म भराने में सहयोग कर प्रखंड और जिला मुख्यालय तक पहुंचाने का निर्देश दिया. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होने स्वास्थ्य शिविर में आवश्यक सहयोग के लिए ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट एवं फ्यूरिडा फाउंडेशन के प्रयासों की भी सराहना की. परियोजना निदेशक आइटीडीए ने ग्रामीणों को मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, बकरा पालन, सुकर, बत्तख चूजा मुर्गा पालन से जुड़ी शत प्रतिशत सब्सिडी की योजनाओं की जानकारी देते हुए लाभ लेने के लिए प्रेरित किया. उन्होने बताया कि 40 फीसदी सब्सिडी पर ग्रामीण वाहन ले सकते हैं जिससे आकस्मिक स्थिति में आवागमन करने में सुविधा होगी तथा रोजगार के लिए भी एक माध्यम बन सकेगा. उन्होंने कहा कि सुदूर ग्रामों में एक चार पहिया वाहन तो होनी ही चाहिए जिसका आवश्यकतानुसार ग्रामीण उपयोग कर सकें. उन्होंने प्रखंड कल्याण पदाधिकारी को निर्देशित किया कि आदिम जनजाति लोगों का समूह बनाकर सीएमइजीपी का लाभ दिलाने के लिए पहल करें. मौके पर मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना तथा आवास, मनरेगा, पशुपालन, पेंशन, राशन समेत अन्य योजनाओं का लाभ देने के लिए आवेदन प्राप्त करने के भी निर्देश दिए. (नीचे भी पढ़ें)

विदित हो कि कोयरा ग्राम के बादाडीह सबर टोला में 13 परिवार तथा बुरूबोहाल सबर टोला में 7 परिवार की लगभग 100 लोगों की जनसंख्या निवास करती है. उपायुक्त ने सबर परिवारों से उनके जीवनयापन, बच्चों के पठन-पाठन तथा स्कूल एवं आंगनबाड़ी केन्द्र की दूरी, महिलाओं को पेंशन योजना का लाभ, डाकिया योजना के तहत खाद्यान्न वितरण, स्वास्थ्य जांच की सुविधा आदि की जानकारी ली. मौके पर खोकरो गांव के कार्तिक पहाड़िया ने जमीन का खतियान नहीं होने से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई होती है. जानकारी के अभाव में ग्रामीण जन्म प्रमाण पत्र, आधार या आवासीय विद्यालयों में नामांकन नहीं करा पाते हैं. बुरूबोहाल सबर टोला के ईश्वर सबर ने सड़क कनेक्टिविटी, आंगनबाड़ी केन्द्र की दूरी, आयुष्मान कार्ड बनाने में आ रही समस्या को रखा जिसे उपायुक्त ने गंभीरतापूर्वक सुनते हुए उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर यथोचित कार्रवाई हेतु आश्वस्त किया. इस दौरान स्वास्थ्य जांच शिविर के माध्यम से करीब 70 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई जिसमें ब्लड प्रेशर जांच, सिकल सेल एनीमिया, मलेरिया, हीमोग्लोबिन आदि जांच शामिल है. साथ ही मौके पर ग्रामीणों को जांचोपरांत दवा, ओआरएस का पैकेट आदि उपलब्ध कराया गया. इस दौरान प्रखंड प्रमुख ललिता सिंह सरदार, स्थानीय मुखिया अजब सिंह सरदार, एसीएमओ जोगेश्वर प्रसाद, डीआरसीएचओ डॉ रंजीत पांडा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंचानन उरांव, बीडीओ बोड़ाम किकू महतो, सीओ बोड़ाम रंजीत प्रसाद, डीएसपी पटमदा वचनदेव कुजूर, एमओआइसी तथा ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट एवं फ्यूरिडा फाउंडेशन के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे.



