जमशेदपुर: कोल्हान विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनइपी-एफवाइयूजीपी) सत्र 2022-2026 के छात्र-छात्राओं को सेमेस्टर 8 की परीक्षा से वंचित किए जाने के नियम के खिलाफ विरोध के स्वर और तेज हो गए हैं. इस छात्र-विरोधी नीति के खिलाफ आजसू छात्र संघ ने चौतरफा दबाव बनाना शुरू कर दिया है. इसी क्रम में जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज के स्नातक छात्रों ने एकजुट होकर लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल (एलबीएसएम) कॉलेज के प्राचार्य को भी एक अति-आवश्यक मांग पत्र सौंपा और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. आजसू छात्र संघ के जिला अध्यक्ष सोनू कुमार साव और महानगर अध्यक्ष राज सिंह के नेतृत्व में को-ऑपरेटिव कॉलेज के साथ-साथ एलबीएसएम कॉलेज प्रशासन पर भी यह दबाव बनाया जा रहा है कि वे इस गंभीर मुद्दे को विश्वविद्यालय के समक्ष उठाएं. सौंपे गए मांग पत्र में कहा गया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन का यह नियम पूरी तरह से मनमाना और अदूरदर्शी है, जिसके तहत पूर्व के सेमेस्टरों में बैकलॉग वाले छात्रों को अंतिम सेमेस्टर (सेमेस्टर 8) की परीक्षा में बैठने से रोका जा रहा है. इस कठोर नियम के कारण सत्र 2022–2026 के सैकड़ों छात्र-छात्राओं का पूरा साल और करियर अधर में लटक गया है. (नीचे भी पढ़ें)

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनइपी) के मूल उद्देश्यों का उल्लंघन : छात्र नेताओं ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को आगे बढ़ने और सुधार करने के पर्याप्त अवसर देना है, न कि परीक्षा से वंचित कर उनका भविष्य बर्बाद करना. आजसू छात्र संघ ने कॉलेजों के माध्यम से विश्वविद्यालय के समक्ष प्रमुखता से तीन मांगें रखी हैं:
बिना शर्त परीक्षा की अनुमति: सत्र 2022–2026 के सभी छात्र-छात्राओं को बिना किसी अवरोध के सेमेस्टर 8 की परीक्षा में शामिल होने और फॉर्म भरने की अनुमति दी जाए.
विशेष बैकलॉग परीक्षा: जिन छात्रों का बैकलॉग लगा है, उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय स्तर पर अविलंब एक विशेष परीक्षा आयोजित की जाए.
विश्वविद्यालय प्रशासन पर बनाया जाए दबाव: दोनों महाविद्यालयों का प्रशासन इस गंभीर मुद्दे को कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति (वीसी) और कुलसचिव के समक्ष मजबूती से उठाए. (नीचे भी पढ़ें)
तालाबंदी और विश्वविद्यालय घेराव की चेतावनी
ॉ : मांग पत्र सौंपने के बाद आजसू जिला अध्यक्ष सोनू कुमार साव और महानगर अध्यक्ष राज सिंह ने संयुक्त रूप से चेतावनी दी कि यदि इन न्यायसंगत मांगों पर जल्द से जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन छात्र हित में उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगों को पूरा न किए जाने की स्थिति में कॉलेजों में तालाबंदी, गेट जाम और कोल्हान विश्वविद्यालय का पूर्ण घेराव किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी.












