
जमशेदपुर : जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना अंतर्गत सिद्धू कान्हू मैदान में गुरुवार रात अखिलेश गैंग के कन्हैया सिंह और विजय कुमार सिंह उर्फ मोनू सिंह द्वारा फायरिंग करने के मामले में पुलिस लगातार छानबीन कर दोनों पक्ष से कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है. छानबीन के दौरान पुलिस ने मोनू के घर से एक पिस्टल और कन्हैया सिंह के घर से दो पिस्टल बरामद किया है, वहीं पुलिस ने दोनों के घर से गोलियां भी बरामद की है. इस मामले में एक पक्ष से कन्हैया सिंह, ज्योति प्रकाश सिंह, सुनील कुमार पासवान और बंटी सिंह उर्फ पोलू और दूसरे पक्ष से विजय सिंह उर्फ मोनू, सिकंदर, रॉनी और किशन साव को गिरफ्तार किया गया है. एक पक्ष से शीला देवी ने कन्हैया सिंह, अमित कुमार उर्फ राम बाबू, अंकित कुमार शर्मा उर्फ राम बाबू, बंटी सिंह उर्फ पोलु, ज्योति प्रकाश उर्फ गुड्डन, सोनू सिंह के साथ 6 से 7 अन्य के खिलाफ फायरिंग करने का आरोप लगाया है वहीं दूसरे पक्ष से कन्हैया सिंह ने विजय सिंह उर्फ मोनू सिंह, पिंटू प्रसाद, बंटी प्रसाद, सिकंदर प्रसाद, वीरेंद्र प्रसाद और रौनीत कुमार के खिलाफ फायरिंग करने का आरोप लगाया है. पुलिस अन्य को गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रहे रही है. (नीचे भी पढ़ें)
आपको बता दें कि गुरुवार की देर रात को सिद्धू कान्हू मैदान के पास एक मकान में तोड़फोड़ की गयी थी और ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना हुई थी. घटना के बाद बस्ती वालों ने जब अखिलेश गैंग के लोगों को घेरने की कोशिश की तो कन्हैया सिंह और उनके गिरोह के गुर्गे वहां से स्कॉर्पियो गाड़ी छोड़कर भाग निकले थे. घटनास्थल से पुलिस ने दो खोखा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया था. बताया जाता है कि कन्हैया सिंह के साथ रहने वाले एक लड़का शिवजी प्रसाद अपनी फुआ शीला देवी पर दबाव बना रहा था कि वह अपने पैतृक संपत्ति उनको मुफ्त में लिख दें नहीं तो बुरा अंजाम होगा. इसका विरोध जब शीला देवी ने किया तो बीती रात कन्हैया सिंह ने फोन पर शीला देवी के बेटे पिंटू को धमकाया और अंजाम भुगतने की चेतावनी दी. लेकिन वे लोग कागज पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया. इसके बाद गुरुवार की देर रात नशे में धुत करीब 15 लड़कों के साथ कन्हैया सिंह आया. कन्हैया के साथ उनका भाई रामबाबू, श्याम बाबू, सोनू सिंह, अखिलेश सिंह सोनू, शिवजी प्रसाद समेत अन्य लोग थे. वे लोग स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार होकर आये और घर पर पथराव कर दिया. इसके बाद इन लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी. (नीचे भी पढ़ें)
फायरिंग की आवाज सुनकर जब बस्ती के लोगों ने घेराबंदी कर दी, तब गाड़ी छोड़कर सारे अपराधी भाग गये. कन्हैया सिंह पिछले दिनों ही सीतारामडेरा में अखिलेश सिंह गैंग और सुधीर दुबे गैंग के बीच हुई फायरिंग में जेल से बाहर निकला है. कन्हैया सिंह अखिलेश सिंह का साथी है. दूसरी ओर, कंहैया सिंह का कहना है कि उसने वह मकान ले लिया है. इसके लिए बकायदा उसने पैसे दिये है, लेकिन मोनु सिंह उसको घर में जाने नहीं दे रहा है और रोक रहा है. बीती रात जब वह मकान में गया था तो मोनु सिंह ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर उसको रोकने की कोशिश की और उन पर ही फायरिंग कर दी, जिसके बाद वे लोग वहां से भागे थे. कन्हैया सिंह ने कहा है कि गोली चालन की घटना में उन्होंने कोई गोली नहीं चलायी है.





