
जमशेदपुर : जमशेदुर के विधायक सरयू राय के खिलाफ राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा ने हमला बोला है. स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के पक्ष में बयान देते हुए राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के नेताओं ने संवाददाता सम्मेलन किया है. उन्होंने कहा है कि विधायक सरयू राय द्वारा पिछड़े जमात से आने वाले मंत्री बन्ना गुप्ता के बढ़ते कदम को देखकर पूर्वाग्रह से पीड़ित होकर उन पर अनर्गल आरोप आरोप लगा उनकी छवि धूमिल कर बिना किसी मुद्दे को मुद्दा बनाना चाहते है, जिसका राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा कड़ी निंदा करता है. प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने प्रेस वार्ता में कहा कि राज्य के 55 फीसदी आबादी वाले समुदाय का आरक्षण 9075 पंचायत प्रतिनिधियों हक छीनकर सरकार पंचायत चुनाव करा रही है, जिसकी चर्चा पूरे राज्य में है. उसे भटका कर सरयू राय नन इश्यू को इश्यू बना रहे हैं. प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि वरिष्ठ विधायक सरयू राय जातिवादी और पिछड़ा विरोधी मानसिकता के हैं. पिछड़े जमात के समुदाय के मनोबल को तोड़ना चाहते हैं जिसका परिणाम है कि वह पिछड़े समाज से आने वाले नेताओं के ऊपर आरोप लगाते हैं. अन्य समाज से आने वाले कई नेताओं पर भ्रष्टाचार के कई केस दर्ज है. कई जेल भी गए हैं. लेकिन सरयू राय अपने वर्ग से आने की वाले नेताओं अधिकारियों के ऊपर कोई आरोप नहीं लगाते हैं, ना उनके ऊपर कभी कोई सवाल खड़ा करते हैं. जब-जब पिछड़ा समाज के नेता अधिकारी आगे बढ़ते हैं तब तब विधायक सरयू राय के पेट में दर्द होता है. जमशेदपुर विधानसभा के पिछड़ा समुदाय इनके इस करतूत को समझ जाएंगे तो अगली बार वह विधानसभा का मुंह नहीं देखेंगे. पिछड़े जमात के नेताओं के ऊपर निराधार आरोप लगाकर उन्हें नीचा दिखाने का इनका हरकत जारी रहा तो राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा जमशेदपुर विधानसभा में अभियान चलाकर इनको झारखंड विधानसभा में नहीं बिहार भेजने का काम करेगा. लगभग 2 वर्षों तक कोरोना काल में बड़े-बड़े नेता समाजसेवी अपने घर में दुबके हुए थे, सिर्फ स्वास्थ महकमा और उनके अनुषांगिक इकाइयां कोरोना पीड़ित रोगियों की सेवा कर रहे थे, चाहे मंत्री हो या फिर विभाग के अधिकारी-पदाधिकारी क्यों ना हो, सभी लोग सभी छुट्टी को रद्द कर यहां तक रविवार की छुट्टी को भी लोग काम कर रहे थे. अगर इस परिस्थिति में सरकारी विभाग ने अगर तय कर दिया कोरोना प्रोत्साहन के 1 महीने की मूल राशि का देने का तो यह बहुत बड़ा अपराध और घोटाला नहीं है. दरअसल वरिष्ठ विधायक सरयू राय एक तरफ पिछड़े जमात के नेताओं का छवि धूमिल करने का एवं नन इश्यू को इश्यू बनाकर पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण की चर्चा को दफन करना चाहते हैं. प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने जो स्पष्टीकरण दिया है इसका स्पष्ट हो जाता है कि घपले घोटाले नहीं, कोरोना काल में काम करने वाले कोरोना वारियर, कर्मचारी, अधिकारियो को पेमेंट किया गया है. प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता के साथ उमेश जयसवाल, शत्रुघ्न राय, प्रभात शर्मा, संतोष शर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित थे.




