जमशेदपुर : जमशेदपुर जिला बार एसोसिएशन की एडहॉक कमेटी के पदाधिकारियों ने शनिवार को अपना इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफा देने का मुख्य कारण यह है कि एडहॉक कमेटी की ओर से लिये जाने वाले निर्णय का कुछ अधिवक्ता समर्थन नहीं कर रहे थे, इसी विवाद को लेकर एडहॉक कमेटी की ओर से अपना इस्तीफा दे दिया गया है. इसकी कॉपी बार काउंसिल ऑफ झारखंड को भेज दिया गया हैं. कुल मिलाकर कमेटी के लोग गुटबाजी से खासा परेशान थे. विरोधी गुट के लोग निर्णय को मानने के बजाये खुद का निर्णय मनवाने का प्रयास कर रहे हैं. (नीचे भी पढ़ें)
बार काउंसिल के निर्देश से चार सदस्यों की बनी थी कमेटी :
रांची स्थित स्टेट बार काउंसिल की ओर से चार सदस्यीय टीम को एडहॉक कमेटी में शामिल किया गया था. इसमे तापस कुमार मित्रा, लाल अजीत कुमार अंबष्टा, त्रिलोकीनाथ ओझा, जयप्रकाश शामिल थे. इसकी जानकारी झारखंड स्टेट बार काउंसिल के सेक्रेटरी राजेश पांडेय को भी दे दी गयी है. इसकी प्रतिलिपि जमशेदपुर जिला व सत्र न्यायाधीश को भी दे दी गयी है. (नीचे भी पढ़ें)
निर्णय को नहीं मान रहे थे कुछ अधिवक्ता : अंबष्टा
वरीय अधिवक्ता लाल अजीत कुमार अंबष्टा ने बातचीत में बताया कि एडहॉक कमेटी की ओर से अधिवक्ता चंदन चौबे को हथकड़ी के साथ गिरफ्तार किए जाने का विरोध में आंदोलन किया जा रहा था. एडहॉक कमेटी की ओर से एसएसपी से मिलकर मामले को रखा गया था. इस बीच एसएसपी ने कार्रवाई का आश्वासन भी दिया था. इसके बाद ही आंदोलन को वापस ले लिया गया था. बावजूद कुछ अधिवक्ता आंदोलन को आगे भी जारी रखना चाह रहे थे. इस विवाद के कारण ही एडहॉक कमेटी ने इस्तीफा दे दिया है.
शनिवार की सुबह अधिवक्ताओं की एक गुट ने बुलायी मीटिंग, काफी देर तक चलता रहा पक्ष और विपक्ष की बाते, प्रधान न्यायाधीश से भी मिले :
विरोधी गुट के कुछ अधिवक्ताओं का एक दल शनिवार को मिटिंग बुलाकर पक्ष और विपक्ष की बाते करते रहे, उसके बाद एडहॉक कमेटी के द्वारा ली गई. फैसले के खिलाफ जमशेदपुर कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश सह जिला जज अनिल कुमार मिश्र से मिलकर अपना पक्ष रखा और कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर आंदेलन अभी जारी रखना चाहते हैं. इस पर जज ने साफ कहा कि वे लिखित रूप से जिला बार एसोसिएशन के पैड पर दे तभी वह स्वीकार कर लेंगे. इसके बाद दूसरा गुट दोबारा जज से मिलने के लिये नहीं गया.
विरोधी गुट पक्ष में चलाएंगे हस्ताक्षर अभियान :
विरोधी गुट द्वारा एडहॉक कमेटी द्वारा ली गई फैसले से है नाखुश और इसके लिए सोमवार से पक्ष में हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे.




